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टॉफी व टी-शर्ट घोटाले की जांच एसीबी ने की शुरू, जांच की आंच पहुंच सकती है तत्कालीन सीएम के पास

तू डाल-डाल तो मैं पात-पात, ये कहावत झारखंड में सही साबित होती दिख रही है। बीते कुछ दिनों से रघुबर दास सीएम पर लगातार हमलावर थे, अब सीएम हेमंत सोरेन ने भी उनके खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है।

By इंडिया वॉइस 
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रांची, 13 मई। झारखंड के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो( एसीबी) ने टॉफी,टी-शर्ट घोटाले की जांच शुरू कर दी है। झारखंड के अन्य घोटालों की तरह ही टाफी व टी-शर्ट मामला भी एक बहुचर्चित मामला है। इस घोटाले की जांच के लिए एसीबी की टीम एक दिन पहले ही जमशेदपुर पहुंची थी। टीम ने अपनी जांच शुरू कर दी है अगर जांच आगे बड़ी तो इस मामले में तत्कालीन सीएम व सरकार के कई बड़े नेता आरोपों के घेरे में आ सकते हैं।

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किससे हुई पूछताछ

जानकारी के मुताबिक राज्य स्थापना दिवस पर सिदगोड़ा स्थित लाला इं. द्वारा टॉफी की सप्लाई की गई थी। इसमें घोटाले की आशंका के चलते एसीबी की टीम ने इस कंपनी के मालिक कमलेश अग्रवाल से पूछताछ की और साथ ही इससे मामले से संबंधित दस्तावेजों को भी खंगाला। कंपनी के मालिक कमलेश अग्रवाल ने एसीबी को जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने जुगसलाई से टॉफियों ली थी। ये सप्लाई व ऑर्डर उन्हें किसके माध्यम से मिला था, एसीबी की टीम ने इसकी भी पूछताछ उनसे की। इसके साथ ही एसीबी की टीम ने सिदगोड़ा के सूर्य मंंदिर कमेटी का बयान भी दर्ज किया। आपको बता दें कि इस घोटाले की जांच के लिए सरयू राय ने सीएम हेमंत सोरेन से आग्रह किया था। जिसके बाद ही एसीबी की टीम ने इस मामले की जांच शुरु की है।

कब हुआ था टॉफी घोटाला 

ये मामला वर्ष 2016 व 17 में 15 नवंबर के दिन झारखंड स्थापना दिवस पर स्कूली बच्चों को टी शर्ट व टॉफी बांटने व गीत संगीत के साथ पूरे शहर को सजाने से जुड़ा हुआ है। इस समारोह के लिए समय कम होने से तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2016 की सुबह प्रभात फेरी में शामिल हुए सभी बच्चों को टॉफी का पैकेट व एक टी-शर्ट बिना निविदा जारी किये मनोनयन के आधार पर खरीदी थी।

इस मामले में जमशेदपुर के लाला इंटरप्राइजेज से टॉफी की खरीद व प्रकाश शर्मा से टी-शर्ट की खरीद की गई थी। जांच में पता चला कि इन दोनों ने ही एक साजिश के अंतर्गत सरकार से करीब 35 लाख रुपये लिये थे, जबकि इसमें ना तो टॉफी खरीदी गई और ना ही बेची गई,  इसके बावजूद खरीद पर वैट का करीब चार लाख का भी भुगतान कर दिया इस मामले पर वाणिज्य कर विभाग ने टॉफी की बिक्री छिपाने के आरोप में लाला इंटरप्राइजेज को करीब 17 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है।

इसी मामले में जमशेदपुर के ही प्रकाश शर्मा के द्वारा करीब पांच करोड़ की टी शर्ट खरीद दिखाई गई है। इतनी अधिक संख्या में बांटी गई टी शर्ट जमशेदपुर किस मार्ग से आई इस बारे में वाणिज्य कर विभाग को कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल झारखंड की वाणिज्य कर विभाग की टीम ने इस मामले की जानकारी पंजाब सरकार से मांगी है।

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55 लाख रुपये खर्च किये सुनिधि चौहान के गीत समारोह में 

इस मामले में यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की गायिका सुनिधि चौहान को बुलाने के लिए करीब 55 लाख रुपये सरकार द्वारा खर्च किए गये थे। इस बाबत व नवंबर को उस समय के सीएम रघुबर दास की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें उनके सचिव द्वारा यह प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव का पूरा खर्च करीब 44 लाख तय किया गया थि लेकिन कुल भुगतान जब किया गया तो वह 55 लाख किया गया।

शहर को सजाने में किए गए करोड़ो रुपये खर्च

इस स्थापना दिवस कार्यक्रम में रांची शहर को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस सजावट पर बिजली विभाग ने चार करोड़ का खर्च दिखाया, जबकि 2017 के कार्यक्रम में इसी सजावट में करीब दो करोड़ रुपये खर्च किये गये। जानकारी के अनुसार 2016 के कार्यक्रम में कुल खर्च 9.50 करोड़ रुपये बताया गया, जबकि 2017 के कार्यक्रम में ये खर्च बढ़कर 12 करोड़ रुपये का हो गया।

फिलहाल इस मामले की जांच एसीबी की टीम कर रही है। राजनीतिक जानकार के अनुसार रघुबर दास के द्वारा सरकार पर लगातार प्रहार करने के विरोध में सूबे के सीएम ने भी उनके खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है।

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