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Assam Floods 2022 : पिछले 24 घंटों के दौरान 12 लोगों की मौत, 50 लाख से अधिक लोग दर-बदर, 32 जिले प्रभावित

असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। असम में 13 जून से आई दूसरी बार की बाढ़ ने 50 लाख से अधिक लोगों को बेघर कर दिया है।

By इंडिया वॉइस 
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गुवाहाटी, 22 जून। असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। असम में 13 जून से आई दूसरी बार की बाढ़ ने 50 लाख से अधिक लोगों को बेघर कर दिया है। बाढ़ के कारण सड़क और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। बाढ़ से राज्य के 32 जिलों के 112 राजस्व मंडल के 4941 गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं बाढ़ के कारण पिछले 24 घंटों के दौरान 12 लोगों की मौत हो चुकी है।

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बराक नदी के तटबंध टूटे, शहरों में भरा पानी

कछार जिला मुख्यालय सिलचर शहर में बराक नदी के तटबंध टूट जाने से शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी भर गया है। लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है। कछार जिला मुख्यालय के अलावा दरंग, करीमगंज, ग्वालपारा और मोरीगांव जिला के भी शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली नदियों में कपिली (धरमतुल), दिसांग (नंगलामुराघाट), तेजपुर, ब्रह्मपुत्र (धुबरी, गोलपारा, निमाटी घाट शामिल हैं। कपिली (कामपुर) नदी खतरे के निशान के आसपास बह रही है।

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असम के 32 जिले बाढ़ से प्रभावित

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक राज्य के 32 जिले बाढ़ से अभी भी प्रभावित हैं, जिसमें बजाली, बाक्सा, बरपेटा, चिरांग, दरंग, बिश्वनाथ, बंगाईगांव, कछार, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, हैलाकांदी, डिमा-हसाउ, ग्वालपारा, गोलाघाट, होजाई, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, कार्बी आंगलोंग वेस्ट, करीमगंज, कोकराझार, शोणितपुर, दक्षिण सालमारा, उदालगुड़ी, तामुलपुर, तिनसुकिया जिला शामिल हैं। बाढ़ से राज्य की कुल 54,57,601 जनसंख्या प्रभावित हुई है, जिसमें 11,67,219 बच्चे, 21,98,194 महिलाएं शामिल हैं। बाढ़ के चलते 99026.00 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी पानी में डूब गई है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 845 राहत शिविर स्थापित

आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 845 राहत शिविर स्थापित किए हैं। इसके अलावा 1026 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गये हैं। राहत शिविरों में कुल 2,71,125 लोग रहे हैं, जिसमें 10,3,072 पुरुष, 93,122 महिला, 73,978 बच्चे, 880 गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएं और 73 दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं।

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बाढ़ के कारण प्रभावित जन-जीवन

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ के चलते पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुल 12 लोगों की मौत हुई है। जिसमें 8 पुरुष और 4 बच्चे शामिल हैं। राज्य में 06 अप्रैल से लेकर अब तक बाढ़ और भूस्खलन के चलते कुल 100 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से इंसानों के साथ ही पशु भी प्रभावित हुए हैं। प्रभावित पशुओं की कुल संख्या 3,31,7,086 बतायी गई है, जिसमें 16,77,920 बड़े पशु, 8,18,430 छोटे और 8,20,736 कुक्कुट शामिल हैं। बाढ़ के दौरान 125 कच्चे मकान और 2 पक्के मकान समेत कुल 130 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं आंशिक रूप से 78 कच्चे और एक पक्का मकान समेत कुल 79 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। 06 झोपड़ियां भी नष्ट हुई हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा कुल 278 नाव तैनात की गई हैं। नावों के जरिए बाढ़ में फंसे कुल 3658 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस कड़ी में 468 पशुओं को भी बाढ़ प्रभावित इलाकों से नाव के जरिए निकाला गया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने कुल 291 मेडिकल टीमें तैनात की

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने कुल 291 मेडिकल टीमें तैनात की हैं। राहत कार्य में NDRF, SDRF, अग्निशमन विभाग, असम पुलिस, जिला प्रशासन के साथ ही कई एजेंसियां भी लगातार काम कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के बीच बुधवार को कई प्रकार की भोजन सामग्रियों का वितरण किया गया, जिसमें चावल 21526.28 क्विंटल, दाल 5510.89 क्विंटल, नमक 1690.90 क्विंटल, सरसों का तेल 104943.84 लीटर, पशु का हरा चारा 20 क्विंटल, पशु चारा -गेहूं का चोकर 15810.42 क्विंटल और पशु चारा – चावल की भूसी 5929.50 क्विंटल शामिल है।

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वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए कई सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

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