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Gujarat Riots: एटीएस की टीम ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को हिरासत मे लिया, चल रही पूछताछ

गुजरात दंगों के मामले में आज गुजरात एटीएस ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को मुंबई से हिरासत में लिया है। एटीएस की टीम दोपहर में सीतलवाड़ के मुंबई स्थित घर पहुंची और उन्हें सांताक्रूज पुलिस स्टेशन ले गई, जहां उनसे पूछताछ चल रही है।

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

नई दिल्ली, 25 जून 2022। एटीएस की टीम ने आज गुजरात दंगों के मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को गिरफ्तार किया है। गुजरात आंतकवादी निरोधी दस्ते की टीम दोपहर तीस्ता के मुंबई के जुहू घर पर पहुंची और उनको सांताक्रूज पुलिस स्टेशन ले जाया गया। फिलहाल उनसे पूछताछ चल रही है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक न्यूज एजेंसी कि दिये इंटरव्यू ने कहा था कि सीतलवाड़ गुजरात दंगों के बारे में पुलिस को पुख्ता जानकारी नहीं दे रही हैं।

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पूर्व आईपीएस आरबी श्रीकुमार हुए गिरफ्तार

इस मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्राचं ने पूर्व आईपीएस अधिकार आर बी श्रीकुमार को भी गिरफ्तार किया है। गुजरात दंगों के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा थी कि इस मामले में मुख्यमंत्री की मीटिंग में शामिल होने के दावेदारों के बयान मामले को राजनीतिक रूप से सनसनी पैदा करने वाले थे।

दरअसल हिरेन पंड्या, संजीव भट्ट व आरबी श्रीकुमार ने एसआईटी के सामने बयान दिया था जो कि निराधार और झूठे साबित हुए, क्योंकि जांच में पता चला कि ये लोग तो लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा के लिए बुलाई गई उस मीटिंग में शामिल ही नहीं हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा तीस्ता पर जांच होनी चाहिए

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कल सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों की जांच रिपोर्ट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया। ये याचिका जाकिया जाफरी के द्वारा दाखिल की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका रद्द करते हुए कहा था तीस्ता सीतलवाड़ के बारे में और छानबीन की जरूरत है, क्योंकि तीस्ता इस मामले में जकिया जाफरी की भावनाओं का इस्तेमाल गोपनीय ढंग से अपने स्वार्थ के लिए कर रही थी।

दिसंबर 2021 से हो रही थी सुनवाई

वर्ष 2002 में गुजरात दंगों के दौरान कांग्रेस के विधायक एहसान जाफरी को दंगाइयों ने मार दिया था। भीड़ ने गुलबर्ग सोसाइटी में उनपर हमला किया था। एहसान जाफरी की विधवा पत्नी जाकिया जाफरी ने गुजरात दंगों की एसटीएफ की जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सात महीने पहले 9 दिसंबर 2021 को जाकिया जाफरी की याचिका पर मैराथन सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। गुजरात दंगों की जांच के लिए बनी एसआईटी ने तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे अब के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी थी।

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