1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. महत्वपूर्ण सर्जरी करने के लिए बेंगलुरु के डॉक्टर ने छोड़ी अपनी कार, लगाई 3 km की दौड़

महत्वपूर्ण सर्जरी करने के लिए बेंगलुरु के डॉक्टर ने छोड़ी अपनी कार, लगाई 3 km की दौड़

डॉ गोविंद नंदकुमार अस्पताल जा रहे थे, जहां वे एक महत्वपूर्ण सर्जरी करने वाले थे, लेकिन ट्रैफिक में फंसने के बाद उन्होंने अपनी कार छोड़ने का फैसला किया।

By रुचि उपाध्याय 
Updated Date

Bengaluru News: बेंगलुरू अपने यातायात के लिए बदनाम है, जहां कम दूरी तय करने में काफी लंबा समय लगता है और पिछले कुछ दिनों में तो बेंगलुरू की सड़कों पर भारी बारिश की वजह से लंबे ट्रेफिक जाम का सामना करना पढ़ रहा हैं। लेकिन एक डॉक्टर की कहानी जिसने अपने मरीज की जान बचाने का असामान्य फैसला लिया, एक प्रेरणादायक कहानी साबित हो रही है। बेंगलुरु के मणिपाल हॉस्पिटल में डॉक्टर गोविंद नंदकुमार गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के सर्जन हैं। उन्हें 30 अगस्त को एक महिला मरीज की इमरजेंसी लैप्रोस्कोपिक गॉलब्लैडर सर्जरी करनी थी। वह घर से समय पर निकले थे। उनकी टीम भी अस्पताल में मरीज के ऑपरेशन की तैयारी पूरी कर चुकी थी। लेकिन रास्त में उन्हें बेहद लंबा जाम मिल गया। यह जाम सरजापुर-माराथल्ली के बीच था।

पढ़ें :- डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने गोपालगंज को 600 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात

पढ़ें :- 26 सितंबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र, पढ़ें कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

डॉक्टर को जाम में फंसे हुए काफी समय बीत गया था। उनकी महिला मरीज का ऑपरेशन तय समय पर करना जरूरी था क्योंकि अगर इसमें देरी होती तो उसकी तबीयत और बिगड़ सकती थी। इससे उसे आगे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता। इन्हीं सब बातों को लेकर डॉक्टर गोविंद चिंतित थे। लेकिन वह कुछ कर नहीं पा रह थे। ऐसे में उन्होंने अपनी कार वहीं छोड़ दी और अस्पताल तक दौड़ लगा दी.

डॉक्टर गोविंद ने यह दौड़ 3 किमी तक लगाई थी। उन्होंने कहा, ‘मैं हर दिन मध्य बेंगलुरु से सरजापुर स्थित मणिपाल हॉस्पिटल जाता हूं. वो दक्षिण पूर्वी बेंगलुरु में स्थित है. मैं समय पर घर से निकला था ताकि मरीज की सर्जरी कर सकूं. मेरी टीम भी इस ऑपरेशन को करने के लिए तैयार थी. वे मेरा इंतजार कर रहे थे. लेकिन रास्ते में लंबा ट्रैफिक जाम देखकर मैंने अपनी कार वहीं छोड़ने का फैसला किया. कार में ड्राइवर था. मैंने दोबारा सोचने के बजाय अस्पताल की ओर दौड़ना शुरू कर दिया था.’

डॉक्टर गोविंद की टीम ऑपरेशन के लिए तैयार थी. डॉक्टर समय पर अस्पताल पहुंच गए. जैसे ही डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर के अंदर घुसे तो उनकी टीम ने मरीज को बेहोश करने के लिए एनस्थीसिया दे दिया. डॉक्टर ने समय पर महिला मरीज का ऑपरेशन किया. उसका ऑपरेशन सफल रहा और उन्हें समय पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. महिला को पिछले काफी समय से गॉल ब्लैडर में समस्या थी.

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...