Sudhanshu Trivedi : CEC पर राहुल गांधी के आरोपों को लेकर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उस समय कांग्रेस के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी काम नहीं करती थी। राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की समझ नहीं है।
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सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ‘राहुल गांधी ने कहा कि इस देश में एंटी-इनकम्बेंसी (मौजूदा सरकार के खिलाफ नाराजगी) एक स्थापित सच है और यह बात बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से ही देखी जा रही है। कांग्रेस के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी निश्चित रूप से बहुत लगातार और मजबूत रही है। राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की समझ नहीं है। 1967 के बाद से कांग्रेस तमिलनाडु में कभी सत्ता में नहीं लौटी, जबकि उस समय भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व भी नहीं था।’
उन्होंने आगे कहा कि ‘1977 के बाद से कांग्रेस बंगाल में सत्ता में नहीं लौटी। वहां 1977 से 2011 तक 34 साल कम्युनिस्टों का शासन रहा, फिर भी राहुल गांधी न तो इसे समझते हैं और न ही देखते हैं और फिर भी वे एंटी-इनकम्बेंसी का मुद्दा उठाते हैं। एक दौर ऐसा भी था, जब कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही। वोटर आईडी कार्ड से पहले का दौर जिसमें बूथ कैप्चरिंग, बैलेट बॉक्स लूटना और गोलीबारी जैसी घटनाएं होती थीं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में शायद ही कोई चुनाव ऐसा होता था, जिसमें लोग मारे या घायल न हों। उस समय, कांग्रेस के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी काम नहीं करती थी।’
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ‘मैं कांग्रेस पार्टी से सीधे पूछना चाहता हूं कि जब किसी भी चुनाव आयुक्त का कोई कोटेशन नहीं है, कोई प्रतिक्रिया नहीं है, यहां तक कि ‘ऑफ-द-रिकॉर्ड’ प्रतिक्रिया का भी जिक्र नहीं है तो इसका आधार क्या है? और अगर हम ऐसी बातों पर अटकलें लगाने लगें तो अप्रैल 2012 में उसी अखबार ने लिखा था कि कांग्रेस सरकार इतनी डरी हुई थी कि सेना तख्तापलट करने वाली थी। क्या आप ऐसी सभी रिपोर्टों पर यकीन करते हैं?’
बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ‘मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि सत्ता-विरोधी भावना असल में कांग्रेस पार्टी के अंदर है, खासकर गांधी परिवार में। कांग्रेस पार्टी लगातार सौ सालों से सत्ता में रही है, लेकिन आज, सत्ता-विरोधी भावना इतनी मजबूत हो गई है कि वे किसी सहयोगी के सहारे के बिना एक भी सीट नहीं जीत सकते। पिछले 25 सालों से कांग्रेस पार्टी रायबरेली और अमेठी में सिर्फ समाजवादी पार्टी के समर्थन से ही जीतती आ रही है।’
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