CEC Controversy : CEC विवाद पर कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि अचानक, एंटी-इनकंबेंसी (सरकार विरोधी लहर) गायब हो जाती है।✍️Avinay Mishra
Updated Date
CEC Controversy : CEC विवाद पर कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने CEC पर कई सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। वे चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर आई एक रिपोर्ट पर बोल रहे थे। इस रिपोर्ट में है कि 10 महीने में दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। उन्होंने कहा कि ‘अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार ही हमारी वोटिंग प्रणाली को हुए नुकसान और इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं। हमारी मांग है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें।’
राहुल गांधी ने कहा कि ‘अचानक, एंटी-इनकंबेंसी (सरकार विरोधी लहर) गायब हो जाती है। महाराष्ट्र का रुख बदलता है। कांग्रेस गायब हो जाती है। उत्तर प्रदेश का रुख बदलता है। कभी समाजवादी, कभी BSP और यह गायब हो जाती है। मध्य प्रदेश में यह गायब हो जाती है। गुजरात में यह गायब हो जाती है और यह हमारे लिए एक बुनियादी सवाल रहा है। हम किसी व्यक्ति की लोकप्रियता को समझ सकते हैं।’
राहुल गांधी ने कहा कि ‘हम सरकार के कामकाज को समझ सकते हैं, लेकिन हम यह नहीं समझ सकते कि एंटी-इनकंबेंसी कैसे गायब हो जाती है। सद्दाम हुसैन के इराक में एंटी-इनकंबेंसी नहीं होती। उत्तर कोरिया में यह नहीं होती। इस धरती पर ऐसी कोई डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) नहीं है, जहां एंटी-इनकंबेंसी न हो।’
राहुल गांधी ने कहा कि ‘मैं आपको ये वीडियो इसलिए दिखा रहा हूं, क्योंकि मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं और मैंने 50 से ज़्यादा साल एक राजनीतिक परिवार में बिताए हैं। लोकतांत्रिक माहौल में काम करने वाला कोई भी राजनीतिक नेता ऐसा बयान नहीं दे सकता, क्योंकि भारत में ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ (सत्ता-विरोधी लहर) नाम की एक बुनियादी ताकत होती है, जो बहुत तेज़ी से किसी भी सरकार का विरोध करने लगती है और यह किसी को नहीं बख्शती।’
कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ‘वोट हमारे देश की नींव है और मैं यह समझाना चाहता हूं, जिसकी सुरक्षा चुनाव आयोग को करनी चाहिए। हमारे संविधान को अपनी ताकत मिलती है। वोट से संविधान को ताकत मिलती है। संविधान से हमारे कानून बनते हैं। और कानूनों से हमारे संस्थान बनते हैं। यह एक चेन है और यही चेन आधुनिक भारत की पहचान है। यहां समझने वाली बात यह है कि अगर वोट खत्म हो गया तो हमारा संविधान भी खत्म हो गया।’
राहुल गांधी ने कहा कि ‘उसकी ताकत खत्म हो जाती है, वह काम करना बंद कर देता है। अगर संविधान खत्म हो गया, तो हमारे कानून गैर-कानूनी हो जाते हैं और अगर कानून गैर-कानूनी हैं तो हमारे संस्थानों का कोई मतलब नहीं रह जाता।’
✍️Avinay Mishra
Disclaimer
इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।