UP International Trade Show : काशी की गलियों में जब करघे की खटर-पटर गूंजती है तो सिर्फ एक साड़ी नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और हुनर आकार लेता है।✍️Anil Shahi
Updated Date
UP International Trade Show : काशी की गलियों में जब करघे की खटर-पटर गूंजती है तो सिर्फ एक साड़ी नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और हुनर आकार लेता है। बनारसी सिल्क साड़ी के रेशमी महीन धागों में काशी की पहचान बुनी जाती है। अब इसी पहचान को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार काशी के बुनकरों और कारीगरों को 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करा रही है।
जिस करघे पर बुनकर दिन-रात मेहनत कर बनारसी साड़ी तैयार करता है, उसके हुनर को अब सीधे बड़े बाजार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने का रास्ता मिलेगा। इससे बुनकरों और कारीगरों को नए बाजारों से जुड़ने, अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेहतर मूल्य पाने का अवसर मिलेगा।
बनारसी साड़ी से लेकर सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, ग्लास बीड्स, वुडेन लेकर वेयर और खान पान तक में दिखेगा काशी का हुनर बनारस का हुनर केवल रेशमी धागों तक सीमित नहीं है। यहां की वाराणसी सॉफ्ट स्टोन कारीगरी अपनी महीन नक्काशी और बारीक काम के लिए पहचान रखती है। सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क के कारीगर अपने हुनर से बारीक आकृतियां और कलात्मक डिजाइन उकेरते हैं।
हाथों की बारीकी से तैयार यह शिल्प काशी की पारंपरिक सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क की झलक वैश्विक मंच पर दिखेगी। इसी तरह ग्लास बीड्स में कांच को रंग, आकार और डिजाइन के जरिए आकर्षक मनकों का रूप दिया जाता है। इनका इस्तेमाल आभूषणों, सजावटी वस्तुओं और फैशन से जुड़े उत्पादों में होता है। कांच के छोटे-छोटे मनकों में रंगों और डिजाइन की विविधता काशी के शिल्पकारों की रचनात्मकता को इस ट्रेड शो के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएगी।
वुडेन लेकर वेयर लकड़ी के खिलौने में काशी की पारंपरिक कारीगरी में लकड़ी के काम और आकर्षक फिनिश का अनूठा मेल दिखाता है। लकड़ी को आकार देकर तैयार किए जाने वाले इन उत्पादों में उपयोगिता के साथ सजावटी कला की झलक भी दिखाई देती है। काशी के कारीगरों की हाथ का हुनर यूपीआईटीएस में सामान्य उत्पाद से अलग पहचान देगी । ट्रेड शो में बनारसी साड़ी व ब्रोकेड जरी जरदोजी & हैंड एम्ब्रायडरी, बनारसी जंगला साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, वुडेन लेकर वेयर लकड़ी के खिलौने, ग्लास बीड्स, सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, बनारसी पान, तिरंगा बर्फी और लौंगलता काशी की धमक महसूस कराएगा।
इस ट्रेड शो में वाराणसी के 58 उद्यमी अपनी स्टॉल लगाएंगे। काशी का हुनर सिर्फ हाथों की कारीगरी तक नहीं है, बल्कि यहां के स्वाद में भी इसकी अलग पहचान है। यूपीआईटीएस में बनारसी पान, तिरंगा बर्फी और लौंगलता जैसे स्थानीय व्यंजन और मिठाइयां के स्वाद से देश-दुनिया के खरीदारों को रूबरू कराएंगी। उपायुक्त उद्योग (प्रवर्तन) हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग,वाराणसी कुसुम ने बताया कि हथकरघा और वस्त्र विभाग से 13 उद्यमी बनारसी साड़ी ,स्टोल ,ड्रेस मटेरियल ,सूट सिल्क साडी आदि उत्पाद का स्टाल लगाएंगे।
सहायक आयुक्त उद्योग केशव यादव ने बताया कि वाराणसी से 45 लोगों ने पंजीकरण कराया है, जिसमे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, एमएसएमई, जीआई उत्पाद, निर्यातक, एक जिला एक व्यंजन तथा मुख्यमंत्री युवा योजना से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हैं। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि यूपीआईटीएस में काशी की पूरी तस्वीर एक साथ नजर आएगी ,काशी के उत्पादों के जरिए यहां के बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
ट्रेड शो में हिस्सा लेने जा रहे राज्य पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पी आदर्श मौर्या ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि “योगी सरकार ने हस्तशिल्पियों के हुनर और मेहनत को पहचान देते हुए यूपीआईटीएस के माध्यम से हमारे लिए वैश्विक बाजार का दरवाजा खोला है। पहले हमें अपने उत्पादों को खरीदारों तक पहुंचाने के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस तरह के मंच से हम सीधे देश-विदेश के खरीदारों से जुड़ पा रहे हैं।”
✍️Anil Shahi
Disclaimer
इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।