UP International Trade Show : काशी की गलियों में जब करघे की खटर-पटर गूंजती है तो सिर्फ एक साड़ी नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और हुनर आकार लेता है। बनारसी सिल्क साड़ी के रेशमी महीन धागों में काशी की पहचान बुनी जाती है। अब इसी पहचान को देश-दुनिया के बाजार

