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झारखंड के कद्दावर नेता समरेश सिंह का निधन, BJP के संस्थापक सदस्य में थे शामिल

बोकारो के पूर्व विधायक समरेश सिंह का गुरुवार को निधन हो गया है. सुबह लगभग 6.30 बजे उन्होंने सिटी सेंटर स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

By इंडिया वॉइस 

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झारखंड के कद्दावर नेता व बोकारो के पूर्व विधायक समरेश सिंह का गुरुवार को निधन हो गया है. सुबह लगभग 6.30 बजे उन्होंने सिटी सेंटर स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली. दरअसल, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उन्हें 12 नवंबर को सांस लेने में तकलीफ हुई थी. जिसके बाद उसे रांची मेडिका में भर्ती हुए थे. बीते मंगलवार को डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार होते हुए देख डिस्चार्ज कर दिया था. जिसके बाद वह घर पर ही थे.

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भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे समरेश सिंह

बोकारो के पूर्व विधायक समरेश सिंह भाजपा के संस्थापक सदस्य थे. पहली बार 1977 में बाघमारा विधानसभा से समरेश सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी. इसके बाद मुंबई में 1980 में आयोजित भाजपा के प्रथम अधिवेशन में कमल निशान का चिह्न रखने का सुझाव इन्हीं का था, जिसे केंद्रीय नेताओं ने मंजूरी दी थी . दरअसल समरेश सिंह को 1977 के चुनाव में कमल निशान पर ही जीत मिली थी. बाद में समरेश भाजपा से 1985 व 1990 में बोकारो से विधायक निर्वाचित हुए. इससे पहले 1985 में सिंह ने इंदर सिंह नामधारी के साथ मिलकर भाजपा में विद्रोह कर 13 विधायकों के साथ संपूर्ण क्रांति दल का गठन किया था. इस पर कुछ ही दिनों के बाद संपूर्ण क्रांति दल का विलय भाजपा में कर दिया गया .

वर्ष 1995 में समरेश सिंह ने भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा औऱ हार गये . इसके बाद वर्ष 2000 का चुनाव उन्होंने झारखंड वनांचल कांग्रेस के टिकट पर लड़ा. झारखंड बनने के बाद वे राज्य के प्रथम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री थे. फिर 2009 में झाविमो के टिकट पर विधायक बने थे.

समरेश सिंह का सफर

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1977 में पहली बार बाघमारा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीते .

1980 व बाद में : भाजपा में

1985 : बोकारो से विधायक

1990 : बोकारो से विधायक

2000 : झारखंड वनांचल कांग्रेस पार्टी से बोकारो के विधायक

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2009 : झाविमो के टिकट पर बोकारो से विधायक

पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

बता दें कि समरेश सिंह का अंतिम संस्कार चंदनकियारी प्रखंड में समरेश के पैतृक गांव देबुलटांड़ में आज शाम को होगा. उनके बड़े पुत्र राणा प्रताप भी अमेरिका से पहुंच चुके है. वहीं, उनके आवास पर लोगों का पहुंचना भी जारी हो गया है. पूर्व मंत्री समरेश सिंह की पत्नी भारती सिंह का देहांत 28 अगस्त 2017 को ही हो चुका था.

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