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कुंडा विधानसभा सीट से राजा भैया के किले को भेदना भाजपा और सपा के लिए कड़ी चुनौती !

2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों राजा भैया को घेरने में जुटी है। हालांकि, कुंडा में राजा भैया के किले को भेदना इतना आसान नहीं लग रहा है।

By इंडिया वॉइस 

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UP Assembly Election 2022 : प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय रहती है। इस सीट पर सभी की निगाहें लगी रहती हैं क्योंकि 1991 में आखिरी बार भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1993 से इस सीट पर किसी भी पार्टी ने जीत दर्ज नहीं की है और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राजा भैया को बड़ी जीत हासिल होती रही है। 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों राजा भैया को घेरने में जुटी है। हालांकि, कुंडा में राजा भैया के किले को भेदना इतना आसान नहीं लग रहा है।

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कुंडा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 1993 के विधानसभा चुनावों से लगातार जीत दर्ज करने वाले राजा भैया पर इस चुनाव में भी सभी की नजरें टिकी हैं। कभी राजा भैया के नजदीक रहे गुलशन यादव को समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। पहली बार राजा भैया के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने कुंडा से अपना प्रत्याशी उतारा है। गुलशन यादव सपा जिला अध्यक्ष के भाई हैं। राजा भैया ने वर्ष 1993 में हुए विधानसभा चुनाव से कुंडा की राजनीति में कदम रखा था और तब से वह लगातार अजेय बने हुए हैं।

उनसे पहले कुंडा सीट पर कांग्रेस के नियाज हसन का डंका बजता था। हसन 1962 से लेकर 1989 तक कुंडा से पांच बार विधायक चुने गए। राजा भैया, भाजपा की कल्याण सिंह सरकार और सपा की मुलायम सिंह सरकार में भी मंत्री बने। इस बार अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से फिर उम्मीदवार के रूप में सातवीं बार जीत दर्ज करने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं। पिछले चुनाव में राजा भैया से करीब एक लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की थी। बगल में, बाबागंज विधानसभा क्षेत्र को भी राजा भैया के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है।

हालांकि, विपक्षी दलों के उम्मीदवारों का दावा है कि क्षेत्र की जनता राजा भैया की तानाशाही से ऊब चुकी है और वह इस बार बदलाव करने का निश्चय कर चुकी है।सपा प्रत्याशी गुलशन यादव कहते हैं कि इस चुनाव में कुंडा में राजतंत्र का खात्मा होकर लोकतंत्र स्थापित होगा। पिछले करीब 30 साल से भदरी रियासत के कुंवर रघुराज प्रताप जनता का शोषण कर रहे हैं। चुनाव जीतने पर मेरी प्राथमिकता लोगों को न्याय दिलाने के साथ-साथ क्षेत्र का विकास करना होगा, जो वर्षों से रुका पड़ा है।

भाजपा उम्मीदवार सिन्धुजा मिश्र का कहना है कि भाजपा की जीत होने पर किसानों के हित में उचित कदम उठाने के साथ ही क्षेत्र में बिजली, सड़क और पानी की समस्या पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।अब देखना है कि क्या राजा भैया का तिलिस्म टूटता है या फिर से कुंडा के मतदाता राजा भैया पर अपना विश्वास जताते हैं, जो 10 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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