UttarPradesh News: विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर घमासान शुरु हो चुका है। विपक्ष पार्टी उनके बयान पर हमलावर होता दिख रहा है। सीएम के बयान पर पहले सपा ने विरोध जताया, उसके बाद बसपा भी मैदान में आ गई। पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर सीएम के बयान का विरोध जताया। विरोध करते हुए बसपा प्रमुख ने राज्य में बढ़ती गरीबी, महंगाई व बेरोजगारी को मुद्दा बनाया है।
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बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट पर लिखा, “ऐसे समय में जब आसमान छूती महंगाई, अति गरीबी और बढ़ती बेरोजगारी आदि के अभिशाप से परिवारों का जीवन दुखी, त्रस्त और तनावपूर्ण है। वे स्वंय ही अपनी सभी जरूरतों को सीमित कर रहे हैं। तब जनसंख्या नियंत्रण जैसे दीर्घकालीन विषय पर लोगों को उलझाना बीजेपी की कौन सी समझदारी है?”
मायावती ने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा
मायावती ने अपने अगले ट्वीट में लिखा है, “जनसंख्या नियंत्रण दीर्घकालीन नीतिगत मुद्दा जिसके प्रति कानून से कहीं ज्यादा जागरुकता की जरूरत, किन्तु भाजपा सरकारें देश की वास्तविक प्राथमिकता पर समुचित ध्यान देने के बजाय भटकाऊ और विवादित मुद्दे ही चुन रही हैं, तो ऐसे में जनहित और देशहित का सही से कैसे भला संभव? जनता दुखी और बेचैन।”
2.जनसंख्या नियंत्रण दीर्घकालीन नीतिगत मुद्दा जिसके प्रति कानून से कहीं ज्यादा जागरुकता की जरूरत किन्तु भाजपा सरकारें देश की वास्तविक प्राथमिकता पर समुचित ध्यान देने के बजाय भटकाऊ व विवादित मुद्दे ही चुन रही हैं तो ऐसे में जनहित च देशहित का सही से कैसे भला संभव? जनता दुखी व बेचैन।
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— Mayawati (@Mayawati) July 13, 2022
आपको बता दें कि विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएम योगी ने कहा था, “जनसंख्या नियंत्रण कानून आगे बढ़े लेकिन जनसांख्यिकी असंतुलन की स्थिति पैदा नहीं होने पाये। ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी एक वर्ग की जनसंख्या वृद्धि का प्रतिशत अधिक हो जबकि मूल निवासी अपनी जनसंख्या के नियंत्रण पर काम करते रहें।”