31 दिसंबर की सुबह दिल्ली-एनसीआर में सूरज नहीं निकला, धुएँ और धुंध की मोटी परत ने उसे ढक लिया। एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर था, दृश्यता लगभग शून्य, और शहर की रफ्तार ठहर-सी गई। यह कोई अचानक आई आपदा नहीं, बल्कि वर्षों की लापरवाही का तयशुदा नतीजा है। हवाई

