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Cyber Crime In Delhi : IFSO की जांच – साइबर अपराध, मोबाइल फोन बना आधार

IFSO की जांच के आधार पर ये खुलासा हुआ है कि साइबर अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

नई दिल्ली , 15 अप्रैल। देश की राजधानी दिल्ली में तेजी से साइबर अपराध अपना पैर पसार रहा है। इन मामलों की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की फ्यूजन ऐंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन (IFSO) यूनिट ने कई उपकरणों की जांच की है। जांच के आधार पर ये खुलासा हुआ है कि साइबर अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया।

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दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक IFSO यूनिट ने साइबर अपराध के मामलों की जांच के दौरान इंटरनेट संचालित जिन उपकरणों की फॉरेंसिंक जांच की, उनमें सबसे ज्यादा भौतिक परीक्षण (जांच) की जद में आने वाले मोबाइल फोन ही हैं। IFSO यूनिट की आरोपियों के उपकरणों की जांच को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

1905 उपकरणों की जांच में 65 प्रतिशत मोबाइल फोन

साइबर अपराध के मामलों की जांच में इस्तेमाल कुल 1095 डिवाइस की जांच की गई। इनमें से 766 मोबाइल फोन शामिल थे। वहीं दूसरे नंबर पर जिन उपकरणों की जांच सबसे ज्यादा की गई, उनमें ब्लू टूथ डिवाइस रही। साइबर टीम की जांच में तीसरे नंबर पर आने वाले उपकरण में लैपटॉप रहे। उपकरणों की जांच को लेकर तैयार रिपोर्ट में मोबाइल फोन के बाद ब्लू टूथ डिवाइस और लैपटॉप का इस्तेमाल साइबर अपराध में सबसे ज्यादा किया गया।

5 लाख 22 हजार 338 पीड़ित, 446 की गिरफ्तारी

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साइबर अपराध की कई घटनाओं में करीब 5 लाख 22 हजार 338 लोग किसी ना किसी तरह से शिकार हुए। इन मामलों की जांच को लेकर साइबर सेल ने कुल 264 मामले दर्ज कर जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने 446 आरोपियों को कई साइबर अपराध में गिरफ्तार किया। कुछ फरार की अब भी तलाश जारी है।

इन उपकरणों की हुई जांच

उपकरणों के नामसंख्या
डेस्कटॉप कम्प्यूटरों की हार्डडिस्क ड्राइव – 60
लैपटॉप – 86
मोबाइल फोन – 766
पेनड्राइव/मेमोरी कार्ड – 32
ब्लू टूथ डिवाइस – 132
विभिन्न उपकरणों के क्षतिग्रस्त डिवाइस – 19
कुल उपकरणों की संख्या – 1095

साइबर टीम ने इनकी भी की जांच

वीडियो/ऑडियो इन्हांसमेंट – 153
हाईपर लिंक मालवेयर – 392
क्रिप्टो वॉलेट – 33
ऑक्सीजन और एफटीके एक्सेस – 68
विंडोज फाइल एवं फील्ड जांच – 23

कुल जांच – 669

साइबर अपराध से ऐसे बचें-

* किसी भी ऐसे लिंक पर क्लिक करने से पहले बार-बार सोचें जो संदिग्ध लगे। साइबर सेल को भी जरूर सूचित करें।
* अपनी जानकारी सुरक्षित रखें। अगर कंप्यूटर/स्मार्टफोन में इस तरह की जानकारी है तो उसे पासवर्ड या पैटर्न से सुरक्षित करें। सामान्य पैटर्न को साइबर हैकर आसानी से तोड़ लेते हैं।
* मोबाइल फोन का लॉक लगा कर रखें। अगर आपका डिवाइस खो जाता है तो उस स्थिति में आप अपने डाटा को घर बैठे मिटाने जैसी कुछ व्यवस्था करें, ताकि साइबर जालसाजों से सुरक्षित रह सकें।

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