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मानसून सत्र से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली विधानसभा, सुरक्षा व्यवस्था का हुआ फाइनल रिव्यू

HO BUREAU

Delhi : 7 अगस्त से शुरू होने वाले दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।✍️Arvind Kumar

मानसून सत्र से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली विधानसभा, सुरक्षा व्यवस्था का हुआ फाइनल रिव्यू
मानसून सत्र से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली विधानसभा, सुरक्षा व्यवस्था का हुआ फाइनल रिव्यू
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Delhi : 7 अगस्त से शुरू होने वाले दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विधानसभा परिसर में मॉक ड्रिल, सुरक्षा समीक्षा बैठक और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय के जरिए सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है।

मॉक ड्रिल के साथ सुरक्षा तैयारियों की अंतिम जांच

मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले दिल्ली विधानसभा में व्यापक सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ, अग्निशमन सेवा, बम निरोधक दस्ता, स्वाट टीम, एम्बुलेंस सेवा और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक से पहले दिल्ली पुलिस ने विधानसभा परिसर में मॉक ड्रिल कर सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया।

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130 जवान तैनात, गेट नंबर-1 से ही होगा प्रवेश

मानसून सत्र के दौरान विधानसभा की सुरक्षा के लिए करीब 130 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें सीआरपीएफ के जवान भी शामिल रहेंगे। परिसर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं, व्यू कटर लगाए जाएंगे और एक एसीपी स्तर के अधिकारी की स्थायी तैनाती होगी। विधानसभा परिसर में दिल्ली पुलिस का समर्पित कार्यालय भी बनाया जाएगा। संशोधित व्यवस्था के तहत प्रवेश केवल गेट नंबर-1 से ही होगा, जबकि अन्य गेट नियंत्रित रहेंगे।

मानसून सत्र के लिए विधानसभा पूरी तरह तैयार

विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि मानसून सत्र के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। बैठक में निगरानी व्यवस्था, संचार प्रणाली, आगंतुक प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन और आपातकालीन निकासी योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को पूरे सत्र के दौरान आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यवाही बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक बयानों, आधिकारिक अभिलेखों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के विश्लेषण पर आधारित है। लेख में जिन आरोपों या दावों का उल्लेख किया गया है, उनमें से कई की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे दावों को उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

✍️Arvind Kumar

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