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70 बच्चों की मौत मामले में गाम्बिया सरकार का यू-टर्न:कहा- भारतीय कफ सिरप से बच्चों की मौत की पुष्टि नहीं

गाम्बिया ने अभी तक पुष्टि नहीं की है कि खांसी की दवाई (कफ सिरप) की वजह से ही बच्चों की मौत हुई है. दरअसल, 70 बच्चों की मौत गुर्दे में समस्या की वजह से हुई थी

By Ruchi Kumari 
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कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में गाम्बिया ने यूटर्न ले लिया है. अब दावा किया जा रहा है कि गाम्बिया ने अभी तक पुष्टि नहीं की है कि खांसी की दवाई (कफ सिरप) की वजह से ही बच्चों की मौत हुई है. दरअसल, 70 बच्चों की मौत गुर्दे में समस्या की वजह से हुई थी. गाम्बिया की मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी के हवाले से रायटर ने यह जानकारी दी है, गाम्बिया मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी के प्रतिनिधि टीजन जैलो ने 31 अक्टूबर को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, अभी पुष्टि नहीं हुई है कि भारतीय खांसी की दवाई से बच्चों की किड़नी खराब हुई थी. हम बच्चों की मौत की सही वजह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.अभी तक यही पता है कि खांसी की दवा से 70 बच्चों की मौत हुई थी.

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गाम्बिया में आखिर क्या हुआ?

अफ्रीकी देश गाम्बिया में जुलाई में अलर्ट जारी किया गया. वहां, किडनी की समस्या से बच्चे बीमार होने लगे. कुछ बच्चों की मौत की खबर आई. इन मौतों में एक जैसा पैटर्न सामने आया. जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र पांच साल से कम थी. सर्दी-खांसी के सिरप लेने के तीन से पांच दिन बाद ये गंभीर रूप से बीमार हुए.

डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट जारी की

डब्ल्यूएचओ ने अक्तूबर की शुरुआत में इसे लेकर रिपोर्ट जारी की. इसमें कहा गया कि खांसी की दवा डाइथेलेन ग्लाइकोल और इथिलेन ग्लाइकोल इंसान के लिए जहर की तरह हैं. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसुस ने कहा कि बच्चों की मौत का संबंध चार दवाओं से है. इन सिरप के सेवन से उनके गुर्दों को क्षति पहुंची. ये चारों दवाएं हरियाणा की एक ही कंपनी मेडेन फार्मास्यूटिकल्स की हैं.

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वंही हरियाणा राज्य के ड्रग अधिकारियों ने बाद में मेडेन फार्मा (Maiden Pharma) की निर्माण सुविधा के निरीक्षण के दौरान खामियां पाईं थी और सोनीपत जिले में कफ सिरप का उत्पादन निलंबित कर दिया था. वहीं डीसीजीआई की विशेषज्ञ समिति ने 15 अक्टूबर की अपनी पहली बैठक में कहा था कि बच्चों के उपचार को लेकर डब्ल्यूएचओ (WHO) ने अब तक जो जानकारी साझा की है वो पर्याप्त नहीं है.

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