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व्हाट्सऐप पर फैल रही “वार लॉकडाउन” अफवाह: सच्चाई क्या है?

नई दिल्ली: हाल ही में देशभर में व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक “War Lockdown Notice” नाम का मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदेश में दावा किया जा रहा है कि भारत में किसी संभावित युद्ध की स्थिति के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया जाएगा।

By HO BUREAU 

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नई दिल्ली: हाल ही में देशभर में व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक “War Lockdown Notice” नाम का मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदेश में दावा किया जा रहा है कि भारत में किसी संभावित युद्ध की स्थिति के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया जाएगा।

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हालांकि, यह खबर पूरी तरह फर्जी (Fake News) साबित हुई है।

क्या है पूरा मामला?

वायरल हो रहा यह मैसेज एक सरकारी आदेश जैसा दिखने वाला PDF या नोटिस है, जिसमें अशोक चक्र और सरकारी भाषा का इस्तेमाल किया गया है, ताकि यह असली लगे। इसी वजह से लोग इसे सच मानकर तेजी से शेयर करने लगे।

कुछ मामलों में यह मैसेज April Fool (मजाक) के रूप में बनाया गया था, लेकिन लोगों ने इसे बिना पूरी तरह पढ़े ही आगे भेज दिया, जिससे देशभर में भ्रम की स्थिति बन गई।

सरकार ने क्या कहा?

सरकार और संबंधित अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि:

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देश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन लागू नहीं किया जा रहा है।

वायरल हो रहा नोटिस भ्रामक और निराधार है।

लोगों से अपील की गई है कि ऐसे संदेशों पर विश्वास न करें और न ही इन्हें आगे फैलाएं।

 

क्यों फैल रही है ऐसी अफवाह?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की अफवाहें फैलने के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:

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अंतरराष्ट्रीय तनाव (जैसे पश्चिम एशिया या ईरान से जुड़ी खबरें)

लोगों में पहले से मौजूद डर और अनिश्चितता

व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना सत्यापन के संदेश फॉरवर्ड करना

भारत में पहले भी सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाओं के कारण भ्रम और गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे यह समस्या और भी संवेदनशील बन जाती है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

किसी भी “सरकारी आदेश” जैसे मैसेज को सत्यापित किए बिना शेयर न करें

केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर भरोसा करें

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अधूरी या संदिग्ध जानकारी से घबराने की जरूरत नहीं है

 

निष्कर्ष

व्हाट्सऐप पर वायरल हो रही “वार लॉकडाउन” की खबर पूरी तरह झूठी और भ्रामक है। यह एक उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया पर गलत जानकारी तेजी से फैलकर लोगों में डर और भ्रम पैदा कर सकती है।

ऐसे में, हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह **सोच-समझकर जानकारी साझा करे और फेक न्यूज के खिलाफ सतर्क रहे।

✍️सपन दास

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