हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों से LPG (रसोई गैस) की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई शहरों में लोग सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार है, लेकिन आपूर्ति में अस्थायी बाधाओं के कारण कई राज्यों में परेशानी महसूस की जा रही है।
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हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों से LPG (रसोई गैस) की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई शहरों में लोग सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार है, लेकिन आपूर्ति में अस्थायी बाधाओं के कारण कई राज्यों में परेशानी महसूस की जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार देश के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर दिक्कतें सामने आई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
इन राज्यों में कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं और लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
1. सिलेंडर के लिए लंबी कतारें
कई शहरों में लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई बार बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी हो रही है।
2. होटल और रेस्टोरेंट पर असर
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण कई होटल और ढाबों को परेशानी हो रही है। कुछ जगहों पर होटल बंद होने की स्थिति तक आ गई है।
3. खाने-पीने की चीजें महंगी
गैस की कमी के कारण कई जगहों पर चाय, नाश्ता और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं। कुछ रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू से कई चीजें हटानी भी शुरू कर दी हैं।
4. ब्लैक मार्केटिंग का खतरा
कुछ जगहों पर सिलेंडर की किल्लत का फायदा उठाकर ब्लैक मार्केट में गैस सिलेंडर महंगे दामों पर बेचे जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं:
भारत अपनी कुल LPG खपत का लगभग 60% हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत पर भी पड़ता है।
स्थिति को संभालने के लिए केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं:
सरकार ने यह भी कहा है कि लोगों को घबराकर अधिक बुकिंग नहीं करनी चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है। सरकार नए स्रोतों से LPG आयात बढ़ाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सामान्य रहती हैं, तो आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।