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Assam News:असम में अवैध निर्माण पर बड़ी कारवाही,कड़ी सुरक्षा के बीच 330 एकड़ भूमि होगी खाली

असम के सोनितपुर में अवैध निर्माण पर बड़ी कारवाही करते हुये कड़ी सुरक्षा के दौरान 330 एकड़ जमीन मुक्त कराई जा रही है।

By रेनू मिश्रा 
Updated Date

Assam News: असम के सोनितपुर में अवैध निर्माण को लेकर वहा कड़ी सुरक्षा के साथ सुबह करीब 5 बजे से कारवाही शुरू की गयी है , ज्यादातर लोगों ने पहले ही अपना घर खाली कर दिया था , अवैध तरीके से बने मकानो को खाली कराकर 330 एकड़ जमीन मुक्त कराई जा रही है। अनुमान है कि प्रदर्शन अभियान के दौरान शांति बनाए रखने के लिए असम पुलिस और अर्धसैनिक बलों सहित लगभग 1,200 सुरक्षा कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया है; वे दंगा रोधी गियर से लैस हैं।

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इस इलाके में कब्जा कर मकान बना कर के 299 परिवार रह रहे थे , जिसमे ज्यादा तर बंगाली मुस्लिमों का कब्जा था,अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई अब तक शांतिपूर्वक चल रहा है , कानून व व्यवस्था में अभी कोई खलल नहीं पड़ा है , प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इस इलाके में बने अवैध मकानों व अन्य ढांचों मे रह रहे लोगो को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था, इस इलाके में बने अवैध मकानों व अन्य ढांचों को छोड़कर लोग चले गए थे उस स्थान पर असम पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।

BJP विधायक गणेश कुमार लिम्बु ने दावा किया कि यहां रहने वाले अधिकांश परिवारों के अन्य क्षेत्रों में भी घर हैं। इसीलिए अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के पहले ही ये बिना किसी विरोध के चले गए , अधिकारियों ने बताया कि असम सरकार इस जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाने जा रही है।

इस इलाके में कब्जाए गई जमीन पर बने मकानों में से 90 फीसदी से ज्यादा आठ माह पहले दिए गए नोटिस के बाद वहां से अन्यत्र जा चुके थे। बेदखल किए गए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि हम यहां दशकों से रह रहे हैं ,हमारे पास कोई नौकरी नहीं है , हमें नहीं पता कि अब हम कहां जाएंगे और कहां रहेंगे

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दशक पहले ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी तट पर नौगांव और मोरीगांव जिलों में बड़े पैमाने पर कटाव के बाद बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में आ गए थे , अधिकारी ने कहा कि यहां कई समुदायों का मिश्रण है, लेकिन सबसे अधिक परिवार बंगाली भाषी मुसलमानों के इसके बाद बंगाली हिंदू और गोरखाओं के थे।

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अनुमान है कि प्रदर्शन अभियान के दौरान शांति बनाए रखने के लिए असम पुलिस और अर्धसैनिक बलों सहित लगभग 1,200 सुरक्षा कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया है; वे दंगा रोधी गियर से लैस हैं।

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