MEA : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन सीमा मुद्दे पर बात की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर तब बिगड़ती है।✍️Avinay Mishra
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MEA : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन सीमा मुद्दे पर बात की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर तब बिगड़ती है, जब चीनी सेनाएं गश्त के तय तरीकों का पालन नहीं करती हैं। आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के उस कथित बयान के बाद विदेश मंत्रालय का वक्तव्य आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘पिछले कुछ दिनों में ऐसी स्थिति पैदा हुई, जिसमें अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर सैनिक आमने-सामने आ गए। यह स्थिति अभी भी जारी है।’
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘जहां तक इस मामले की खास जानकारी का सवाल है, मैं आपको रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने के लिए कहूंगा। जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं, भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर तब बिगड़ती है, जब चीनी सेनाएं गश्त के तय तरीकों का पालन नहीं करती हैं। दोनों देश लंबित मुद्दों को सुलझाने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गलतफहमी व गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य व्यवस्थाओं का इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं।’
उन्होंने कहा कि ‘दोनों देश सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त क्षेत्रों में एलएसी की समझ बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए भी सहमत हुए हैं। मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के आपसी संबंधों के समग्र विकास के लिए जरूरी है।’
कपूर ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘हमें अपने मूल काम को नहीं छोड़ना चाहिए। सेना से अलग, ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में लड़ाई के लिए एक विशेष बल तैयार किया जा रहा है। जल्द ही हमारे पास शौर्य कमांडो की एक पूरी बटालियन होगी। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती हमारी ताकत है।’
कपूर ने कहा था कि ‘ड्रोन ऐसी चीज हैं, जिनके जरिए एक छोटा देश भी बड़े देश को चुनौती दे सकता है। हमने देखा कि यूक्रेन ने रूस जैसी महाशक्ति को किस तरह चुनौती दी है। माना जा रहा था कि युद्ध कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा, लेकिन रूस के 10,000 से 15,000 सैनिक मारे जा रहे हैं और उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है। ईरान को देखिए, उसके पास नौसेना तक नहीं है, फिर भी उसने ड्रोन की मदद से अमेरिका को चुनौती दी।’
✍️Avinay Mishra
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