1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. Mundka Fire : NHRC ने दिल्ली के मुख्य सचिव को जारी किया नोटिस, पुलिस, MCD और DSIDC की भूमिका की भी होगी जांच

Mundka Fire : NHRC ने दिल्ली के मुख्य सचिव को जारी किया नोटिस, पुलिस, MCD और DSIDC की भूमिका की भी होगी जांच

आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों और प्राधिकार के खिलाफ कार्रवाई, दोष तय करने, राहत और पुनर्वास की जानकारी शामिल होनी चाहिए।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

नई दिल्ली, 15 मई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मुंडका अग्निकांड में 27 लोगों की मौत पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों और प्राधिकार के खिलाफ कार्रवाई, दोष तय करने, राहत और पुनर्वास की जानकारी शामिल होनी चाहिए।

पढ़ें :- मुंबई के अंधेरी होटल में पंखे से लटकता मिला 30 साल की मॉडल का शव; मिला सुसाइड नोट

आयोग की अधिकारियों को फटकार

आयोग का कहना है कि आग की इस घटना ने एक बार साबित कर दिया है कि दिल्ली के अधिकारियों ने अतीत की ऐसी ही घटनाओं से सीख नहीं ली है। घटना ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी और उसके कार्यान्वयन की कमियों को उजागर किया है। आयोग ने कहा है कि मीडिया रिपोर्टों से साफ है कि राष्ट्रीय राजधानी में लोकसेवकों ने वैधानिक कर्तव्यों को नहीं निभाया और उनकी लापरवाही से पीड़ितों के मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ। अग्निकांड की गंभीरता और इन घटनाओं में पिछली सिफारिशों की अनदेखी को देखते हुए आयोग ने अपने महानिदेशक को तुरंत मौके पर एक टीम भेजने के लिए कहा है।

दिल्ली में बड़े पैमाने पर अनधिकृत निर्माण

NHRC का कहना है कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भवन की कोई स्वीकृत योजना नहीं थी और कारखाना बिना किसी लाइसेंस के चल रहा था। कथित तौर पर ये तथ्य उत्तरी दिल्ली नगर निगम की जांच में सामने आया है। ऐसी सैकड़ों इमारतें भीड़भाड़ वाले इलाकों से चल रही हैं, जिन पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारी संघर्ष कर रहे हैं। दिल्ली में कई ऐसे इलाके हैं जहां बड़े पैमाने पर अनधिकृत निर्माण के कारण दमकल की गाड़ियां भी प्रवेश नहीं कर सकती हैं।

पढ़ें :- दिल्ली: पालतू डॉग रखने पर रजिस्ट्रेशन कराना हुआ अनिवार्य, लापरवाही बरतने पर पढ़ सकता है भारी

पुलिस, MCD और DSIDC की भूमिका की भी होगी जांच

वहीं मुंडका अग्निकांड मामले की जांच में जुटी पुलिस ने मुख्य आरोपी माने जाने वाले इमारत के मालिक मनीष लाकड़ा को गिरफ्तार करने के बाद कहा कि हर उस एजेंसी को इस जांच को लेकर पत्र लिखा जाएगा और उनकी भूमिका की जांच होगी, जो इस पूरे मामले से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी होंगी। DCP समीर शर्मा से प्रश्न पूछे जाने पर कि इमारत कमर्शियल होने के बाद भी इनके पास कोई NOC नहीं थी तो इसे लेकर पुलिस क्या कार्रवाई करेगी ? तो जवाब में बताया कि पुलिस टीम उन सभी एजेंसियों जैसे MCD व DSIDC जो भी इस मामले से जुड़ी है, उनसे जानकारी लेगी और संबंधित एजेंसियों की इस घटना को लेकर अगर जवाबदेही बनती है तो कानून के दायरे में जो भी कार्रवाई होगी, वो की जाएगी।

नहीं ली थी कोई भी NOC

DCP ने ये भी साफ किया कि बिल्डिंग के लिए किसी तरह की NOC नहीं ली गई थी। मनीष ने ये बिल्डिंग फैक्टरी चलाने के लिए जब दी थी तो उसने किरायेदारों का वेरिफिकेशन तक नहीं कराया था। और ना ही PCC के लिए अप्लाई किया था। उसने सबकुछ नियम को ताक पर रखकर किया था। पुलिस उससे सख्ती से पूछताछ कर रही है।

2011 में पिता ने ली थी ये इमारत

पढ़ें :- Delhi Fire : मुंडका हादसे के बाद 29 लोगों का अतापता नहीं, दर-ब-दर भटक रहे हैं परिजन

डीसीपी के मुताबिक जिस इमारत में भीषण आग लगी थी, वो मनीष लाकड़ा के पिता ने साल 2011 में ली थी। हालांकि उनकी मौत साल 2015 में हो गई थी तो फिर इसका मालिकाना हक साल 2016 में मनीष लाकड़ा के पास आ गया था। इसके बाद उसने इस इमारत को कमर्शियल गतिविधि के लिए किराए पर दे दिया था। वो खुद छत पर बने दो बेडरूम सेट में परिवार के साथ रहता था।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...