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मानवाधिकार आयोग ने सीवर टैंक सफाई में चार सफाई कर्मियों की मौत पर हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्ट

एनएचआरसी ने शनिवार को कहा कि आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है कि हरियाणा के हिसार जिले के बुद्ध खेड़ा गांव में एक सीवेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैसों के कारण चार सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई है।

By Akash Singh 
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नई दिल्ली : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हिसार जिले में सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैसों के कारण चार सफाई कर्मियों की मौत पर हरियाणा सरकार से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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एनएचआरसी ने शनिवार को कहा कि आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है कि हरियाणा के हिसार जिले के बुद्ध खेड़ा गांव में एक सीवेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैसों के कारण चार सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई है। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और पीड़ितों के परिवारों को दी गई राहत शामिल होना अपेक्षित है। आयोग ने पाया है कि घटना इंगित करती है कि सीवर में परिहार्य और अनुचित मौतों और घोर निन्दनीय कार्य होने के बावजूद सुरक्षा उपकरणों के बिना सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई जारी है। आयोग सेप्टिक टैंकों, सीवेज संयंत्रों आदि की सफाई के लिए मशीनों के उपयोग और श्रमिकों के लिए उचित सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित करने पर जोर देता रहा है लेकिन ऐसी दर्दनाक घटनाएं अक्सर हो रही हैं।

संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण चार बहुमूल्य मानव जीवन फिर से खो गये हैं। उनके मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन किया गया है। आयोग ने गौर किया है कि इस मामले में पीड़ितों की उम्र 25 से 28 साल के बीच है। यदि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उचित सावधानी बरती जाती, तो इस तरह की दुखद घटनाओं में ऐसे युवकों की मौत को रोका जा सकता था। इस तरह की घटनाएं वास्तव में गरीब और निर्दोष श्रमिकों के मानव अधिकारों का उल्लंघन करने वाले नागरिक अधिकारियों के लापरवाह रवैये का परिचायक हैं।

नोटिस जारी करते हुए, आयोग ने पाया है कि सीवेज/सेप्टिक टैंक की सफाई का काम करते हुए बहुत कम समय के भीतर बड़ी संख्या में श्रमिकों की मृत्यु हो गई है। यह पिछले कुछ समय से इस तरह के मामलों का संज्ञान ले रहा है और सीवेज टैंकों की सफाई के समय सभी सावधानी बरतने के लिए अधिकारियों को संवेदनशील बनाने की पूरी कोशिश कर रहा है ताकि कीमती मानव जीवन नष्ट न हो। आयोग ने आगे देखा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए विशिष्ट निर्णयों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद, सीवेज सफाई कर्मचारियों को अभी भी अत्यधिक खतरे का सामना करना पड़ रहा है और लोक अधिकारियों द्वारा अपमानित किया जा रहा है।

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