जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में विदेशी हथियार और जमात-उल-मुजाहिदीन, बांग्लादेश (JMB) टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में एनआईए (NIA) ने छापे मारे हैं। पुलिस को इसका इनपुट भोपाल समेत दूसरे शहरों से गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ में मिला था।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील से पूछताछ
NIA ने शहर के सिविल लाइन में दो जगह, बड़ी ओमती में दो जगह और आधारताल में यह कार्रवाई की है। सिविल लाइन इलाके के सुप्रीम प्लाजा अपार्टमेंट से भी दो लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी है। टीम ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील ए. उस्मानी को हिरासत में लिया है। NIA की टीम ने शुक्रवार देर रात उनके घंटाघर, ओमती स्थित घर और ऑफिस पर दबिश दी। पुलिस वकील से पूछताछ कर रही है।
टीम ने हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक से जुड़े होने के शक में मकसूद कबाड़ी और अहद उल्लाह अंसारी के घर भी दबिश दी है। NIA ने सिविल लाइन इलाके के सुप्रीम प्लाजा अपार्टमेंट में रहने वाले एडवोकेट नईम को नोटिस देकर भोपाल बुलाया है। अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के मामले में एडवोकेट नईम पैरवी कर चुके हैं।
NIA ने उत्तर प्रदेश में भी दो जगहों पर की थी छापेमारी
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बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन, बांग्लादेश (JMB) से जुड़े भोपाल टेरर फंडिंग मामले में NIA ने 25 मई को उत्तर प्रदेश में भी दो जगहों पर छापेमारी की थी। इसके बाद जबलपुर में यह रेड की गई है। JMB के 10 गिरफ्तार लोगों में 6 बांग्लादेशी हैं।
ये बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में घुस आए और भारत में अपने सहयोगियों की मदद से जाली पहचान पत्र भी बनवा लिए। वकील ए. उस्मानी के मुस्लिम बाहुल्य इलाके स्थित घर पर NIA की टीम शुक्रवार रात करीब 11 बजे पहुंची। टीम में दिल्ली और भोपाल के करीब एक दर्जन IPS अफसर और 200 पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने वकील के घर के अंदर जाकर छानबीन और पूछताछ शुरू कर दी।
कार्रवाई शुरू होने के साथ ही आवाजाही रोक दी गई
कार्रवाई शुरू होने के साथ ही उनके घर की घेराबंदी कर घंटाघर और ओमती में रोड के दोनों सिरों पर बैरिकेड लगा दिए गए। आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। जबलपुर SP तुषारकांत विद्यार्थी भी बाद में पहुंचे।
NIA ने हाल ही में प्रदेशव्यापी कार्रवाई करते हुए बड़वानी, सिवनी, भिंड और खंडवा में दबिश देकर संदिग्धतत्वों को पकड़ा था। उनसे सघन पूछताछ भी की गई, जिसके बाद फॉरेन फंडिंग और हथियारों से जुड़े कई इनपुट हाथ लगे। इसी आधार पर NIA ने कार्रवाई की।