रांची, 22 मई 2022। Jharkhand News : झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन व उनके भाई बसंत सोरेन को घेरने के साथ ही विपक्षी दल भाजपा सरकार के अन्य मंत्रियों पर भी लगातार आरोप लगाकर व नए खुलासे कर प्रदेश के राजनीतिक पारे को ठंडा होने नहीं देना चाहते हैं। आपको बता दें कि भाजपा के नेता व सासंद निशिकांत दूबे ने एक ट्वीट कर दावा किया है कि सीएम व उनके भाई के बाद जल्द ही चुनाव आयोग पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
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निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर कहा कि “झारखंड माल मुद्रा पार्टी यानि JMM का तीसरा विकेट भी गिरने की तैयारी में,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी व उनके भाई बसंत सोरेन जी के माइनिंग लीज़ में सदस्यता ख़त्म होने के साथ ही अब चुनाव आयोग ने मंत्री मिथलेश ठाकुर जी की भी सदस्यता ख़त्म करने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।”
झारखंड माल मुद्रा पार्टी यानि JMM का तीसरा विकेट भी गिरने की तैयारी में,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी व उनके भाई बसंत सोरेन जी के माइनिंग लीज़ में सदस्यता ख़त्म होने के साथ ही अब चुनाव आयोग ने मंत्री मिथलेश ठाकुर जी की भी सदस्यता ख़त्म करने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है ।
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) May 22, 2022
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जानें क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि दरअसल रांची के सुनील कुमार महतो ने चुनाव आयोग को शिकायत पत्र लिखते हुए कहा है कि वर्ष 2019 में चुनाव के समय गढ़वा विधानसभा सीट से निर्वाचित मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कई बातों को उजागर नहीं किया है। अतः उनके द्वारा जनप्रतिनिधि अधिनियम एक्ट 1950 की धारा 9ए का उल्लंघन किया गया है। जिसके चलते उनकी सदस्यता को रद्द किया जाए।
शिकायतकर्ता ने पत्र में लिखा है कि मिथिलेश कुमार ठाकुर ने चुनाव के दौरान दिये जाने वाले अपने ब्यौरे में बताया है कि वह अमला टोला, चाईबासा, मेमर्स सत्यम बिल्डर्स, पश्चिमी सिंहभूम नामक कंपनियों में पार्टनर है। शिकायतकर्ता के अनुसार ये कंपनियां सरकारी ठेके लेने का कार्य करती हैं। इतना ही नहीं मिथिलेश ठाकुर की कंपनी मेमर्स सत्यम बिल्डर्स के द्वारा सरकार द्वारा लिए गये कार्य विधानसभा निर्वाचन 2019 के दौरान भी चल रही थी। जिससे उनके खिलाफ आरोप बनाता है कि उन्होंने लाभ के पद पर रहते हुए विस चुनाव की सदस्ता ग्रहण की है। ऐसे में चुनाव आयोग उनकी सदस्यता को रद्द करे।
फिलहाल इस मामले पर कुछ दिनों पहले चुनाव आयोग ने राज्य के निर्वाचन आयोग से पूरी रिपोर्ट मांगी थी। जिस पर गढ़वा के डीसी ने चुनाव आयोग को रिपोर्ट सौंप दी थी। जिस पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।