CM भगवंत मान का कड़ा बयान: “आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेंगे”
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले पर पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस दर्दनाक घटना में निर्दोष पर्यटकों की जान जाने के बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की अखंडता और शांति के खिलाफ हैं और इनका जवाब पूरी ताकत से दिया जाना चाहिए।
सीएम मान ने अपने बयान में कहा, “हमले में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। यह हमला केवल कुछ व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि पूरे भारत पर है। भारत एक मजबूत राष्ट्र है और हम ऐसी कायराना हरकतों को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आतंकियों के खिलाफ तुरंत और निर्णायक कदम उठाए जाएं।
केंद्र सरकार से की निर्णायक कार्रवाई की अपील
भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि वे इस हमले को हल्के में न लें और आतंकियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दें। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं और हमें अपने खुफिया तंत्र और सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
मान ने इस अवसर पर विपक्षी दलों से भी अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर राष्ट्रहित में एकजुट हों। “यह समय राजनीति करने का नहीं है, बल्कि एक राष्ट्र बनकर आतंक के खिलाफ लड़ने का है,” उन्होंने कहा।
पंजाब सरकार देगी मदद
भगवंत मान ने यह भी कहा कि यदि इस हमले में किसी भी प्रकार से पंजाब के नागरिक प्रभावित हुए हैं, तो पंजाब सरकार हर संभव मदद प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से देशभक्ति और बलिदान की धरती रही है और आज भी यह आतंकवाद के खिलाफ अपनी भूमिका निभाने को तैयार है।
सीएम ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने हमले के बाद हालात को काबू में करने के लिए तत्परता दिखाई। उन्होंने कहा कि “हमारे जवानों की बहादुरी देश की असली ताकत है। हमें उन्हें हर स्तर पर समर्थन देना चाहिए।”
आम जनता से अपील
भगवंत मान ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बिना जांच के जानकारी साझा न करें, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं और जल्द ही इस हमले के पीछे के लोगों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा।