अबू आजमी का बयान: आतंकवाद के खिलाफ हो एकजुटता, राजनीति से बचे सरकार
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ अपने सख्त रुख को दोहराते हुए कहा था कि आतंकवाद फैलाने वालों को “मिट्टी में मिला देंगे।” इस बयान ने राजनीतिक हलकों में बड़ी हलचल मचा दी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने कहा कि वह आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए सख्त कदमों का समर्थन करते हैं, लेकिन साथ ही सरकार से अपील की कि इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति न होनी चाहिए।
अबू आजमी ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए केवल कड़ी भाषा नहीं, बल्कि ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी चाहे किसी भी धर्म या समुदाय से हों, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। आजमी ने कहा कि देश को आज ऐसे समय में एकजुट होने की जरूरत है जब हमारे निर्दोष नागरिक आतंकवाद का शिकार बन रहे हैं।
शांति और भाईचारे की अपील
अबू आजमी ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को एक धार्मिक रंग न दिया जाए और देश के सभी समुदायों में भाईचारे और एकता को बनाए रखने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और हमें इस लड़ाई में एकजुट रहना चाहिए ताकि भारत को आतंक मुक्त बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया बयान साहसिक है, लेकिन इसकी व्याख्या करते समय संयम बरतना चाहिए ताकि देश के माहौल में कोई तनाव न फैले। अबू आजमी ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने से बचें और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखें।
सरकार से ठोस एक्शन की मांग
अबू आजमी ने इस मौके पर सरकार से यह भी कहा कि केवल बयानबाजी से आतंकवाद खत्म नहीं होगा। इसके लिए आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने, खुफिया तंत्र को बेहतर बनाने और आतंकवादियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने जैसे ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चाहे सीमावर्ती इलाकों में हो या देश के भीतर, उसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
विपक्ष का रुख
जहां अबू आजमी ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार के कदमों का समर्थन किया, वहीं विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। सबका मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को एकजुट होकर दुनिया को एक सशक्त संदेश देना चाहिए।
अंत में अबू आजमी ने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। इसलिए सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना चाहिए।