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PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को भेंट की ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद, कहा- इसकी शाश्वत सीख सीमाओं से परे

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में पुतिन को तिरुक्कुरल के रूसी अनुवाद की प्रति भेंट की।

By HO BUREAU 

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की शुरुआत महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की अमर कृति ‘तिरुक्कुरल’ के रूसी अनुवाद की प्रति भेंट कर की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया, जो महान तिरुवल्लुवर की शाश्वत बुद्धिमत्ता को भाषाओं और सीमाओं के पार पहुंचाता है।”

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तिरुक्कुरल तमिल साहित्य की सबसे महान कृतियों में से एक मानी जाती है। इसमें 1,330 दोहे (कुरल) हैं और प्रत्येक कुरल सात शब्दों का होता है। यह ग्रंथ सदाचार, समृद्धि और प्रेम पर आधारित शिक्षाएं देता है तथा अपनी सार्वभौमिक और धर्मनिरपेक्ष दृष्टि के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसका रूसी अनुवाद नैरा म्कर्तच्यान ने किया है। तिरुक्कुरल ने विश्व के कई विद्वानों और साहित्यकारों को भी प्रभावित किया है, जिनमें प्रसिद्ध रूसी लेखक लियो टॉल्स्टॉय का नाम भी शामिल है।

बैठक के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव और दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। राष्ट्रपति पुतिन शुक्रवार को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे। नई दिल्ली हवाई अड्डे पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया।

सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, गतिशीलता और जन-से-जन संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। वार्ता में वर्ष 2030 तक भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य, रेल और सुरंग निर्माण में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, इस्पात मूल्य श्रृंखला विकसित करने, बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) अवसरों का विस्तार करने और रूसी बाजार तक भारतीय कंपनियों की पहुंच बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

इससे पहले मंगलवार को स्पुतनिक इंडिया की वर्चुअल ब्रीफिंग में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भारत और रूस के रिश्तों को बेहद करीबी बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के संबंधों को “व्यावहारिक” करार दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों नेता वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर खुलकर और रचनात्मक तरीके से चर्चा करते हैं, जिससे दोनों देशों के सहयोग के नए अवसर खुलते हैं।

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राष्ट्रपति पुतिन की यह यात्रा भारत और रूस के बीच लगातार जारी उच्चस्तरीय संपर्कों की कड़ी है। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर हुई थी। (आईएएनएस)

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