1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. सवालों के घेरे में फंसी पंजाब पुलिस, केंद्रीय जांच टीम ने सुरक्षा में हुई चूक को लेकर पूछे कई सवाल

सवालों के घेरे में फंसी पंजाब पुलिस, केंद्रीय जांच टीम ने सुरक्षा में हुई चूक को लेकर पूछे कई सवाल

प्रधानमंत्री का काफिला रैली स्थल से आठ किलोमीटर पहले तथा पाकिस्तान सीमा से तीस किलोमीटर दूर करीब बीस मिनट तक सड़क पर फंसा रहा।

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

PM Modi Security Breach : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक की घटना की जांच करने के लिए केंद्र की 3 सदस्यों वाली टीम शुक्रवार सुबह फिरोजपुर पहुंची। वहीं, पंजाब पुलिस द्वारा गृह मंत्रालय को भेजी गई पहली जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारी अचानक सड़क पर आए जिस कारण समय रहते उन्हें हटाया नहीं जा सका।

पढ़ें :- गाजियाबाद त्रासदी: कोरियाई 'लव गेम' की लत ने तीन बहनों की जान ली

बीते 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर थे। फिरोजपुर जाते समय प्रदर्शनकारियों ने गांव प्यारेआना के निकट बने फ्लाईओवर पर प्रधानमंत्री का काफिला रोक लिया था। प्रधानमंत्री का काफिला रैली स्थल से 8 किलोमीटर पहले तथा पाकिस्तान सीमा से 30 किलोमीटर दूर करीब 20 मिनट तक सड़क पर फंसा रहा।

प्रदर्शनकारियों के अचानक सामने आने से हुई दिक्कत – पंजाब पुलिस

इसे लेकर पंजाब सरकार ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय को अपनी पहली रिपोर्ट भेज दी है। जिसमें कहा गया है कि 5 जनवरी को प्रधानमंत्री के दौरे से पहले 4 जनवरी की रात रैली स्थल तथा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम वाले स्थानों की तरफ जाने वाले सभी रास्ते क्लीयर थे।

5 जनवरी को प्रधानमंत्री जब सड़क मार्ग से निकले तो बाकायदा रूट पर सुरक्षा लगाई गई थी लेकिन प्रदर्शनकारी अचानक सामने आ गए। इससे पहले कि प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया जाता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला वहां पहुंच गया।

पढ़ें :- BREAKING: अमेरिका ने भारत के लिए टैरिफ दर 50% से घटाकर 18% कर दी- बड़े व्यापार समझौते ने चीन को भी पीछे छोड़ा

तीन सदस्यों की जांच समिति पहुंची फिरोजपुर 

इसी बीच शुक्रवार सुबह केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई तीन सदस्यों की जांच समिति फिरोजपुर पहुंची। इस टीम में सुधीर कुमार सक्सेना सचिव (सुरक्षा), आईबी के संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह तथा एसपीजी के आईजी जी.सुरेश शामिल थे। इस टीम ने फिरोजपुर के SSP हरमन हंस, जिला उपायुक्त तथा प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे अधिकारियों के बयान दर्ज किए।

पढ़ें :- Budget 2026 का गहराई से विश्लेषण: टैक्स से लेकर विकास तक, किसे मिला क्या?

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए रैली स्थल तथा हेलीपैड पर करीब 10 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा जिन रास्तों से प्रधानमंत्री को निकलना था वहां तथा अन्य कार्यक्रम स्थलों पर भी करीब 4 हजार पुलिस कर्मचारी तैनात थे।

पूरी घटना को रीक्रिएट किया गया, रैलीस्थल की भी टीम ने की जांच

केंद्र की टीम ने फिरोजपुर में अधिकारियों के बयान दर्ज करने के बाद उस फ्लाईओवर का भी दौरा किया, जहां प्रधानमंत्री का काफिला रोका गया था। यहां पूरे घटनाक्रम को री-क्रिएट किया गया। टीम ने करीब आधे घंटे तक फ्लाईओवर पर रुककर पूरे घटनाक्रम की जांच की। इसके बाद टीम ने रैली स्थल का भी दौरा किया जहां प्रधानमंत्री को जाना था।

केंद्र की टीम ने पंजाब के अधिकारियों से पूछे यह सवाल

1. प्रधानमंत्री का बाय रोड जाने का कार्यक्रम कैसे लीक हुआ ?

2. प्रधानमंत्री को एसपीजी का कवर है, फिर अल्टरनेट रूट क्यों नहीं बनाए गए ?

पढ़ें :- ₹728 करोड़ से बदलेगा यमुनापार का भविष्य: विकास को मिली नई रफ्तार

3. प्रदर्शनकारियों की संख्या कितनी थी ?

4. क्या पंजाब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की शिनाख्त की है ?

5. तीन दिन में कितने प्रदर्शनकारी चिन्हित किए गए हैं ?

6. तीन दिन में किस अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है ?

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com