झारखंड की निलंबित महिला आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को मंगलवार(तीन जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट से एक महीने के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है. उन्हें यह जमानत मेडिकल ग्राउंड पर मिली है. सिंघल को गिरफ्तारी के सात माह 23 दिन बाद यह अंतरिम जमानत मिली है. बता दें कि 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी पूजा सिंघल को 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था. उनके ऊपर मनरेगा योजना में कथित अनियमितता करने का गंभीर आरोप है.
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बीमार बेटी की देखभाल के लिए मिली जमानत
उच्चतम न्यायालय ने पूजा सिंघल को अपनी बीमार बेटी की देखभाल के लिए एक महीना के लिए अंतरिम जमानत दी है. न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को सिंघल की मुख्य जमानत याचिका पर तीन सप्ताह में जवाब देने का भी निर्देश दिया. ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि याचिका गलत है और इसमें कोई दम नहीं है. कानून अधिकारी ने कहा कि मैं इस तरह की दलीलों का विरोध करने वाला आखिरी व्यक्ति होऊंगा.