UP News : कभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट-किसान राजनीति तक सीमित मानी जाने वाली राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने अवध और पूर्वांचल में अपनी धमक का शंखनाद कर दिया है। साथ ही यह संकेत भी दिया है कि अब RLD सिर्फ पश्चिम तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे प्रदेश में इसका विस्तार किया जाएगा। इसके लिए सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित कर पार्टी संगठन को मजबूत किया जाएगा।
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लखनऊ में रविवार को अयोजित स्वागत समारोह के बहाने रालोद ने प्रदेश की सियासत का नया अध्याय लिखने में जुट गई है। अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने एक स्वर में साफ संदेश दिया कि अब पार्टी सिर्फ पश्चिम तक सीमित नहीं रहेगी। इसका सांगठनिक विस्तार अवध, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में मजबूती से किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने लखनऊ में आयोजित स्वागत एवं अभिनंदन समारोह को पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल की संगठनात्मक प्राथमिकताओं, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर सक्रिय रहते हुए समाज के विभिन्न वर्गों से निरंतर संवाद स्थापित करें और पार्टी की विचारधारा, नीतियों एवं जनहित के मुद्दों को व्यापक स्तर तक पहुंचाएं।
जयंत चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल का मजबूत राजनीतिक आधार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहा है, लेकिन अब पार्टी अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी संगठनात्मक विस्तार एवं जनसंपर्क को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ प्रदेश की राजधानी होने के साथ-साथ अवध और पूर्वांचल के साथ व्यापक राजनीतिक एवं सामाजिक संवाद का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने किसानों, युवाओं, शिक्षकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि जनता के बीच निरंतर उपस्थित रहकर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझें तथा उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
अवध और पूर्वांचल में संगठन विस्तार पर जोर
राष्ट्रीय लोक दल के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे समय से मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। अब पार्टी अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में सक्रियता बढ़ा रही है। लखनऊ में आयोजित यह समारोह इसी व्यापक संगठन विस्तार और नए क्षेत्रों में जनसंपर्क को गति देने के प्रयास के रूप में महत्वपूर्ण रहा। इस समारोह की सफलता और बड़ी संख्या में पार्टी में शामिल होने से अभिभूत पार्टी नेतृत्व जल्द ही बुंदेलखंड में भी सम्मेलन कराने की तैयारी में जुट गया है।
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प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह ने पार्टी की प्राथमिकता गिनते हुए पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नारे की याद दिलाई और कहा कि किसान, मजदूर और कार्यकर्ताओं को ध्यान में रख कर ही कोई कदम उठाया जाएगा, क्योंकि हमारे किसान और मजदूर ही देश के विकास की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को किसानों, मजदूरों, नौजवानों, महिलाओं और वंचित वर्ग के साथ-साथ अब सवर्णों तक भी पहुंचाना है।
इस सम्मेलन में पूर्वांचल के शिक्षक नेता बीके शुक्ला के साथ ब्राह्मण और सवर्ण समाज के कई वर्गों से सैकड़ो की संख्या में लोग RLD में शामिल हुए। पार्टी सूत्रों की माने तो एक हजार से अधिक लोग पार्टी में शामिल हुए। बी के शुक्ला विधान परिषद सदस्य का चुनाव भी लड़ चुके हैं जो पूर्वांचल में अच्छी पहचान रखते हैं। स्वागत समारोह बी के शुक्ला ने ही आयोजित किया था। समारोह में विभिन्न वर्गों की इतनी संख्या में मौजूदगी और सैकड़ों लोगों का पार्टी में शामिल होना एक बड़ा संदेश है।
पार्टी ने संगठन को पहले से ही विस्तारित करना शुरू कर दिया था। बता दें कि 24 अगस्त को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आजमगढ़ और मेरठ के तीन नेताओं साजिद खान आजमी, तरुण गुप्ता और सचिन तरार ने अपने समर्थकों के साथ RLD की सदस्यता ली थी। इसे प्रदेश में संगठन को नई ऊर्जा मिलने के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव के बयान से आयी तल्खी के बाद लखनऊ में इतना बड़ा सम्मेलन करके जयन्त चौधरी ने साफ कर दिया है कि RLD अब सिर्फ पश्चिम तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। लखनऊ का यह सम्मेलन उसकी बानगी है। अभी पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भी पार्टी की सांगठनिक मजबूती के लिये सम्मेलन किए जाएंगे। राष्ट्रीय लोक दल ऐसे समारोह व सम्मेलनों के बहाने हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करने में जुटी है, ताकि समय आने पर पार्टी अपने बल पर भी चुनाव में उतर सके।
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