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मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से रिकॉर्ड 7.50 मीटर ऊपर

UP News : बुंदेलखण्ड के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते नदियों के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ आ गई है।✍️Sandeep

By HO BUREAU 

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UP News : बुंदेलखण्ड के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते नदियों के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ आ गई है। लगातार दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जिले में मंदाकिनी नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। उसका जलस्तर खतरे के निशान से रिकॉर्ड 7.50 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। संकट की इस घड़ी में सीएम योगी के निर्देश पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। राहत की बात यह है कि एक भी जनहानि की सूचना नहीं है।

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नदी के निकटवर्ती इलाके के होटल, घर, बाजार और कई मार्गों के पुल डूबे

मंदाकिनी नदी में आई इस भीषण बाढ़ ने रामघाट समेत पूरे रिहाइशी इलाके को जलमग्न कर दिया है। क्षेत्र के होटल, मकान और बाजार पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोग अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। यूपी क्षेत्र के रामघाट के पास मध्य प्रदेश क्षेत्र में मंदाकिनी नदी पर बना एक पुल पानी के तेज बहाव में बह गया।

कर्वी मुख्यालय को चित्रकूट व बांदा से जोड़ने वाले मुख्य मंदाकिनी पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलों पर आवागमन को पूरी तरह रोक दिया है। मानिकपुर के डोडामाफी इलाके में बने बांध के ऊपर से पानी बहने के बाद आस-पास के गांवों में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

राहत कार्य शुरू, वायुसेना ने संभाला मोर्चा

बाढ़ की सूचना मिलते ही योगी सरकार ने राहत कार्य शुरू कर दिया। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को रेस्क्यू ऑपरेशन में उतारा गया। छतों पर फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य आपदा बचाव बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। जानकारी के मुताबिक, 29 अगस्त की देर शाम तक 60 से अधिक लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। भरतपुर क्षेत्र के गोबरिया गांव में ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके मवेशियों को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। मंडलायुक्त अजीत कुमार और डीआईजी राजेश एस भी चित्रकूट पहुंचे। दोनों उच्चाधिकारियों ने राहत कार्यों का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए।

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✍️Sandeep

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इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे

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