दुर्ग। मोहन नगर थाना के दो आरक्षकों ने दया और कर्तव्य परायणता की बड़ी मिसाल पेश की। 24 घंटे जान-माल की सुरक्षा करने वाले पुलिस को आज लोग सलाम कर रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि इन दोनों आरक्षकों का नाम चर्चा में आया।
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बता दें कि दुर्ग के स्टेशन रोड गुरुद्वारा में आरक्षक तारकेश्वर और शकील अपनी ड्यूटी दे रहे थे। इसी दौरान एक महिला अपने डेड़ वर्ष की पुत्री को लेकर दौड़ते हुए चिल्ला रही थी। जब आरक्षक ने महिला के पास जाकर पूछा तो पता चला कि उस महिला की डेड़ वर्ष की पुत्री ठीक से सांस नहीं ले पा रही थी क्योंकि उसके गले में दवाई अटक गई थी।
यह सुनते ही दोनों आरक्षक तुरंत उसे अपनी गाडी पर बैठाकर पास के ही चिल्ड्रन हॉस्पिटल में ले गए। जहां डॉक्टर ने उस बच्ची के गले से दवाई को निकाला। ड्यूटी पर तैनात रहने के दौरान उनके इस कार्य को देखते हुए दुर्ग एसपी ने इन दोनों आरक्षकों को सम्मानित किया।