1. हिन्दी समाचार
  2. जीवन मंत्रा
  3. Sharadiya Navratri 2022: दिन व तारीख ,10 महाविद्या के मंत्र से पूरी होगी मनोकामना, बनेंगे सारे बिगड़े काम

Sharadiya Navratri 2022: दिन व तारीख ,10 महाविद्या के मंत्र से पूरी होगी मनोकामना, बनेंगे सारे बिगड़े काम

शक्ति साधना में 10 महाविद्या की पूजा सभी मनोकामनाओं को पूरी करने वाली मानी गई है. नवरात्रि महापर्व 26 सितम्बर सोमवार से शुरू होकर 5 अक्टूबर तक चलेगा , नवरात्रि (Gupt Navratri) के महापर्व पर आखिर किस मंत्र से किस देवी की बरसेगी कृपा,आगे जाने

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

Sharadiya Navratri: नवरात्रि महापर्व पर 10 महाविद्या (10 Mahavidya) की पूजा का विधान है, जिसे करने पर साधक को रोग, शोक, शत्रु आदि से मुक्ति और सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.हिंदू धर्म में शक्ति की साधना के लिए नवरात्रि (Navratri) का समय अत्यंत ही शुभ माना गया है. देवी की पूजा के लिए साल में कुल चार नवरात्रि आती है, जिसमें से दो नवरात्रि पर शक्ति (Shakti) की साधना प्रत्यक्ष रूप से और दो नवरात्रि पर अप्रत्यक्ष रूप से की जाती है

पढ़ें :- Aaj Ka Rashifal: हृदय और BP पर असर, रहें सतर्क

मुंडमाला तंत्र नामक ग्रंथ में लिखा है, जो शिव हैं, वही दुर्गा हैं और जो दुर्गा हैं वही विष्णु हैं. इनमें जो भेद मानता है, वह मनुष्य दुर्बुद्धि और मूर्ख है. देवी, शिव और विष्णु में एकत्व ही देखना चाहिए. जो इसमें भेद करता है, वह नरक में जाता है.

10 महाविद्या . काली तारा, त्रिपुर सुंदरी, श्री विद्या या ललिता, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला यानी लक्ष्मी. इन दस महाविद्याओं का ज्ञान एक गूढ़ रहस्य है.

इन मंत्रो से करे माँ की पूजा

नवरात्रि के पहले दिन देवी दुर्गा के 10 स्वरूपों में एक मां काली की पूजा की जाती है. मां काली की पूजा उत्तर दिशा की ओर मुंह करके करें और माता की पूजा में ‘क्रीं ह्रीं काली ह्रीं क्रीं स्वाहा’ मंत्र का जप करें.

पढ़ें :- Aaj Ka Rashifal: गर्मी बढ़ाएगा चंद्रमा प्रभाव

नवरात्रि का दूसरा दिन मां तारा की पूजा के लिए समर्पित है, जिनकी साधना करने पर साधक को संतान सुख की प्राप्ति होती है. इस दिन मां तारा का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी पूजा के दौरान ‘ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट’ मंत्र का जप करें.

नवरात्रि का तीसरा दिन मां त्रिपुरसुंदरी और मां शोडषी की पूजा के लिए समर्पित है, माता का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीये नम:’ मंत्र का जप करें.

नवरात्रि का चौथा दिन मां भुवनेश्वरी की पूजा के लिए समर्पित है, मां भुवनेश्वरी से मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए ‘ह्रीं भुवनेश्वरीय ह्रीं नम’ मंत्र का जप करें.

पंचवे दिन मां छिन्न्मस्ता की पूजा का विधान है. मां छिन्न्मस्ता से रोग-शोक को दूर करने का आशीर्वाद पाने के लिए ‘श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैररोचनिए हूं हूं फट स्वाहा’ मंत्र का जप करें.

नवरात्रि का छठवें दिन मां त्रिपुर भैरवी की पूजा का विधान है. मां त्रिपुर भैरवी की पूजा का पूर्ण फल पाने के लिए ‘ॐ ह्रीं भैरवी क्लौं ह्रीं स्वाहा’ मंत्र का जप करें.

पढ़ें :- भीषण गर्मी में घर को Naturally ठंडा रखेंगे, ये 5 Indoor Plants

नवरात्रि का सातवें दिन मां धूमावती की पूजा का विधान है. मां धूमावती की पूजा का आशीर्वाद पाने के लिए ‘धूं धूं धूमावती दैव्ये स्वाहा’ मंत्र का जप करें.

नवरात्रि का आठवें दिन मां बगलामुखी की पूजा का विधान है. इस दिन मां बगलामुखी का आशीर्वाद पाने के लिए के ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्वदृष्टानां मुखं, पदम् स्तम्भय जिव्हा कीलय, शत्रु बुद्धिं विनाशाय ह्रलीं ॐ स्वाहा’ मंत्र का जप करें.

नवरात्रि के नौवें दिन मां मातंगी और मां कमला की पूजा का विधान है. इस दिन मां मातंगी की पूजा में ‘क्रीं ह्रीं मातंगी ह्रीं क्रीं स्वाहा’ मंत्र का जप और मां कमला की पूजा करते समय ‘क्रीं ह्रीं कमला ह्रीं क्रीं स्वाहा’ मंत्र का जप करे

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com