अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर के दर्रीपारा मोहल्ला में उस समय हड़कंप मच गया जब यूपी पुलिस के दारोगा की अचानक पिटाई होने लगी। जैसी ही इसकी जानकारी मणिपुर थाना पुलिस को हुई। मौके पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों ने यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकर्मियों को अपने साथ मणिपुर थाने ले आई।
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जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुई डकैती के मामले में इटावा पुलिस के सब इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिसकर्मी जांच के लिए अंबिकापुर पहुंचे थे। बताया जाता है कि इटावा में जो डकैती हुई थी, उसमें प्रयुक्त वाहन संभवत अंबिकापुर की थी। जिसकी जांच करने के लिए यूपी पुलिस के जवान अंबिकापुर के दर्रीपारा मंदिर के पास स्थित एक घर में बिना कुछ पूछे प्रवेश कर गए।
परिवारवालों की मानें तो यूपी पुलिस के द्वारा पहले उनके साथ बदतमीजी की गई। इसके बाद मारपीट शुरू कर दी गई। देखते ही देखते लोगों की भीड़ वहां उमड़ पड़ी और पुलिस की जमकर पिटाई करते हुए उनके वाहन में तोड़फोड़ कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे सरगुजा पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने मामले की जांच की और दोनों पक्षों को समझाया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की पुलिस अपनी जांच में अंबिकापुर पहुंची थी। जहां पहचान को लेकर विवाद हो गया और इस प्रकार की घटना घटी।