1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Violence : देशभर में हिंसा के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, रांची में 2 की मौत, SIT गठित, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर…

Violence : देशभर में हिंसा के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, रांची में 2 की मौत, SIT गठित, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर…

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में झड़पों की घटना सामने आई हैं। मौके पर पुलिसकर्मी मौज़ूद हैं।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

नई दिल्ली, 11 जून। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों में हिंसा भड़कने की घटना से सरकार अलर्ट मोड पर है। घटना के दूसरे दिन शनिवार को पुलिस प्रशासन और सरकार ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। बात यूपी की करे तो यहां हिंसा के मामले में 9 जिलों में 13 FIR दर्ज की गईं। जबकि करीब 237 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पश्चिम बंगाल के हावड़ा हिंसा में लगभग 53 आरोपियों को 14 दिन की जेल भेजा गया है। तो मुर्शिदाबाद हिंसा में भी पुलिस छापेमारी कर रही है। उधर झारखंड में भी पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है, पुलिस प्रशासन की ओर से सड़कों पर निकलने वालों की गिरफ्तारी करने का आदेश दिया गया है।

पढ़ें :- दिल्ली: जहांगीरपुरी हिंसा मामले में 10 और संदिग्धों की पहचान

पढ़ें :- Delhi Riots : जहांगीरपुरी में शोभा यात्रा पर पथराव और आगजनी, पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल

एक्शन मोड में यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर कहा कि उपद्रवियों पर कार्रवाई ऐसी हो जो असामाजिक सोच रखने वाले सभी तत्वों के लिए एक उदाहरण बने और माहौल बिगाड़ने के बारे में कोई सोच भी ना सके। हम एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं। ऐसे में हमें सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना होगा। धर्मगुरुओं/सिविल सोसाइटी से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखने के साथ-साथ उपद्रवियों के ख़िलाफ कार्रवाई भी जारी रखी जाएगी। कोई भी तत्व अगर क़ानून को अपने हाथों में ले रहा है या कोई भी संगठन हो उसके ख़िलाफ़ सख्ती से निपटने की कार्रवाई ज़िला स्तर पर हो। हर गतिविधी पर मजबूती के साथ उसका संज्ञान लिया जाए। उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करेंगे।

बतादें कि यूपी के 9 जिले प्रयागराज, मुरादाबाद, अंबेडकरनगर, हाथरस, अलीगढ़, सहारनपुर, फिरोजाबाद, जालौन और खीरी में शुक्रवार को हिंसा हुई थी। घटना में पुलिस ने 13 FIR दर्ज की हैं और करीब 237 आरोपियों की गिरफ्तारी की है। DGP कार्यालय के मुताबिक फिरोजाबाद में एक FIR दर्ज हुई और अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इसी तरह अलीगढ़ में 01 FIR और 3 की गिरफ्तारी, हाथरस में 01 FIR और 50 गिरफ्तारी, मुरादाबाद में 01 FIR, 25 गिरफ्तारी, अंबेडकरनगर में 1 FIR, 28 गिरफ्तारी, सहारनपुर में 3 FIR, 55 गिरफ्तारी, प्रयागराज में 3 FIR और 68 की गिरफ्तारी हुई है। जबकि खीरी और जालौन में एक-एक FIR दर्ज हुई है। लेकिन इन दोनों जिलों से अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

प्रयागराज में अवैध निर्माण चिह्नित

प्रयागराज हिंसा मामले में करीब 37 लोगों की गिरफ्तार की सूची आई थी, इनमें कई नाबालिग हैं। हालांकि अब तक 68 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी गिरफ्तार लोगों के घरों की तलाशी ली जा रही है। जिनका निर्माण अवैध पाया जाएगा, उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा। साथ ही अटाला क्षेत्र में चल रही बिरयानी और अन्य खाने-पीने की दुकानों को भी चिह्नित किया जा रहा है। जहां बुलडोजर चलाने की भी तैयारी है। वहीं हिंसा की घटना के मुख्य आरोपी मोहम्मद जावेद के राजनीतिक सहयोगी सिराज तालिब ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। सिराज ने कहा कि साजिश के तौर पर मोहम्मद जावेद को फंसाया जा रहा है। जबकि दंगा करने वाले अपराधियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जावेद समाज को जोड़ने वाले व्यक्ति हैं। वो खुद शांति बनाने की बात कर रहे थे तो वो कैसे अपराधी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस के पास में सबूत हैं तो वो जनता के सामने पेश करें।

झारखंड हिंसा में 2 की मौत, सख्त हुआ प्रशासन

झारखंड की राजधानी रांची में जिला प्रशासन ने हिंसा के बाद सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। शहर में 12 जून की सुबह तक इंटरनेट सस्पेंड रखा जाएगा। बतादें कि शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे सूर्य मंदिर पर हमला हुआ था, मंदिर परिसर में 4 पेट्रोल बम फेंके गए थे, तब मंदिर के पुजारी और उनका परिवार अंदर सो रहा था।

रांची हिंसा की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित

झारखंड सरकार ने जुमे की नमाज के बाद रांची के मेन रोड इलाके में हुई हिसंक घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके लिए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति घटना के सभी पहलुओं की जांच कर एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देगी। समिति में राज्य सरकार में सचिव डॉ अमिताभ कौशल और अपर पुलिस महानिदेशक संजय लाटकर शामिल हैं।

गौरतलब है कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद पर बीजेसी से निलंबित नूपुर शर्मा और निष्कासित नवीन कुमार जिंदल के बयान के विरोध में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलूस निकाला था। रांची के मेन रोड पर जुलूस को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने भी जमकर पथराव किया, जिसमें SSP समेत 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी। गोली लगने से 2 लोगों की मौत हो गई। रांची के कई थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू है। इंटरनेट सेवा भी निलंबित कर दी गई है। शहर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात है।

पश्चिम बंगाल में दूसरे दिन भी हिंसा

नुपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी को लेकर पश्चिम बंगाल में लगातार दूसरे दिन हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ कर भीड़ को तितर-बितर किया। जानकारी के मुताबिक ताजा मामला हावड़ा के पंचला बाजार का है। जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस बीच हावड़ा के बाद अब बेलडांगा, मुर्शिदाबाद में भी इंटरनेट बंद कर दिया गया है। ये आदेश 14 जून सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। हिंसा के मद्देनजर हावड़ा के राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे स्टेशनों के हिस्सों में और उसके आसपास धारा 144 को लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया 15 जून तक धारा 144 लागू रहेगी। इस बीच ममता सरकार ने हिंसा के बाद हावड़ा पुलिस कमिश्नर को हटा दिया है। IPS प्रवीण त्रिपाठी हावड़ा का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। वहीं IPS स्वाति भंगिया नई हावड़ा ग्रामीण SP होंगी। वहीं हावड़ा हिंसा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के गुनाहों की सजा आम आदमी को क्यों भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने कहा, हावड़ा हिंसा के पीछे कुछ राजनीतिक दल हैं। दंगा भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

महाराष्ट्र में हिंसा मामले में कार्रवाई

वहीं सोलापुर में AIMIM के शहर अध्यक्ष फारूक शाब्दी समेत कई लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। इन सभी पर आरोप है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर रैली में दंगा करवाया गया। पुलिस के मुताबिक जिनपर केस हुआ है, उनमें फारूक शाब्दी, सलीम सैयद, कमरुल शेख, पूर्व नगरसेवक रियाज हुंडेकरी, पूर्व नगर सेवक गाजी जहांगीरदार, रसूल पठान, हरीश कुरैशी, अबू हुसैन सैयद, पालेखन पठान और रमिज सैयद का नाम शामिल है। आरोपियों के खिलाफ धारा 143, 147, 188, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम 1984 की धारा 3 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की 135 के तहत केस दर्ज किया है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...