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कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी आशीष मिश्रा को रहना होगा जेल में, जानें क्या है मुख्य कारण ?

इस हिंसा की जांच करते हुए SIT ने आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बताते हुए उनके ऊपर IPC की धारा 147, 148, 149, 302,307, 326, 34, 427 और 120 B के साथ साथ सेक्शन 3/25, 5/27 और आर्म्स एक्ट के 39 में चार्जशीट दायर की है।

By Ujjawal Mishra 
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Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को बीते कल हाई कोर्ट से भले ही जमानत मिल गई हो पर अभी उन्हें जेल में ही रहना होगा। जी हां दरअसल बीते वर्ष 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुए हिंसा के दौरान 4 किसानों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी।

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इस हिंसा की जांच करते हुए SIT ने आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बताते हुए उनके ऊपर IPC की धारा 147, 148, 149, 302,307, 326, 34, 427 और 120 B के साथ साथ सेक्शन 3/25, 5/27 और आर्म्स एक्ट के 39 में चार्जशीट दायर की है।

कई गंभीर धाराओं में अभी नहीं मिली है जमानत 

चार्जशीट दाखिल होने के बाद आशीष मिश्रा को जेल भेज दिया गया। उसके बाद से ही लगातार आशीष मिश्रा के वकील जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे थे। ऐसे में कल इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आशीष मिश्रा को जमानत दे दी।

हालांकि कोर्ट के आदेश के अनुसार आशीष को केवल IPC की धारा 147, 148, 149, 307 स, 326, 427 और सेक्शन 34 और आर्म्स एक्ट के 30 में जमानत मिली है। यानी कि अभी कोर्ट के आदेश में कहीं भी 302 और 120B का जिक्र नहीं है।

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कोर्ट में एक बार फिर सेक्शन 302 और 120B के लिए लगाएंगे अर्जी 

बता दें कि आईपीसी की धारा 302 और 120 B ये दोनों सेक्शन हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के लिए लगाए जाते हैं। जमानत मिलने के बाद आशीष मिश्रा के वकील ने मीडिया को दिए बयान में बताया है कि वो शुक्रवार को बेल बॉन्ड फाइल नहीं कर पाएंगे। बेल बॉन्ड में सुधार कराने के लिए वह कोर्ट में एक बार फिर सेक्शन 302 और 120B के लिए अर्जी लगाएंगे।

कोर्ट से ऑर्डर मिलने के बाद ही वो जमानत के लिए अर्जी लगाएंगे। यानी कि कुल मिलाकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को फिलहाल कुछ दिन जेल में ही गुजारना पड़ेगा।

जमानत की खबर से भाजपा पर विपक्ष हमलावर 

वहीं आशीष मिश्रा की जमानत की खबर आते ही विपक्षी पार्टियां भाजपा सरकार पर हमलावर हो गई हैं। भारतीय किसान यूनियन और RLD ने इस फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

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इसके अलावा RLD चीफ जयंत चौधरी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए ट्वीट कर लिखा कि ‘क्या व्यवस्था है ?  चार किसानों को रौंदा, चार महीनों में जमानत भी मिल गया’। किसान यूनियन के प्रवक्ता ने भी कोर्ट के इस फैसले का विरोध करते हुए इस फैसले को लोकतंत्र की हत्या बताया है।

क्या थी पूरी घटना ?

दरअसल बीते साल 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों का बड़ी संख्या में किसान विरोध कर रहे थे। उसी दौरान यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लखीमपुर आना था। उनके आने की खबर सुनकर किसानों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ही केशव प्रसाद मौर्य को रिसीव करने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्रा अपने साथियों के साथ निकले।

उसी दौरान आशीष के काफिले से 4 किसानों की दब कर मौत गई। अब किसानों की भीड़ ने गुस्से में एक ड्राइवर और 2 भाजपा कार्यकर्ताओं को पीट पीट कर मार डाला। इस हादसे में कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक पत्रकार भी शामिल था। मामले की जांच SIT को सौंपी गई जिसके बाद जांच में आशीष मिश्रा और उनके साथियों को दोषी पाया गया और गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया गया।

 

 

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