महोबा। अपनी अनोखी प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए एक साधु अपने सिर की चोटी पर रामरथ बांधकर निकल पड़ा है। 170 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद साधु 15 जनवरी को महोबा पहुंचा, जहां हिंदू संगठनों ने जोरदार स्वागत करते हुए साधु पर पुष्प वर्षा की।
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भगवान राम से आस्था लगाने वाला यह साधु मध्य प्रदेश का रहने वाला है। जो 501 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने की बात कह रहा है। साधु की अनोखी प्रतिज्ञा को लेकर लोग हैरत में हैं तो वहीं भगवान श्री राम के जयकारों के बीच जगह-जगह साधु का स्वागत हो रहा है।
92 में खाई कसम को पूरा करने के लिए साधु अपने सिर की चोटी से रामरथ खींचता दिखाई दिया। यही नहीं साधु ने अयोध्या में भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को पीएम मोदी और सीएम योगी की देन बता रहे है। अयोध्या में आगामी 22 जनवरी को श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर तैयारी जोरों पर चल रही है तो वहीं राम भक्त भी अपनी श्रद्धा और भगवान राम के प्रति अपने अटूट प्रेम को दर्शाने में लगे हुए हैं।
1992 में ली गई प्रतिज्ञा अब हो रही पूरी
ऐसा ही एक राम भक्त अपने सिर की चोटी से रामरथ खींचता हुआ पैदल अयोध्या के लिए चल पड़ा है। बता दें कि मध्य प्रदेश के दमोह जनपद के बटियागढ़ गांव का रहने वाला बाबा बद्री 1992 में ली गई अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए रामरथ को चोटी से बांधकर अयोध्या के लिए जा रहा है। बाबा बद्री बताते हैं कि करोड़ों रामभक्तों की तरह वह भी अयोध्या में राम मंदिर बनने की इच्छा रखता था लेकिन राम मंदिर में साल दर साल आ रही अड़चन के कारण वह हताश और दुखी हो चुका था।
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इस बीच उसने प्रतिज्ञा ली थी कि जब भी भगवान राम का भव्य और दिव्य राम मंदिर बनेगा, तब वह अपनी चोटी में रामरथ बांधकर पैदल ही अयोध्या जाएगा। महोबा के बजरंग चौक स्थित हनुमान मंदिर में रामभक्त बद्री ने मत्था टेका और कहा कि ये स्नेह और प्रेम राम नाम के जप से मिल रहा है। बाबा राम नाम को जपता हुआ अयोध्या 501 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद 22 जनवरी तक अयोध्या पहुचेंगे जहां श्री रामलला के दर्शन करेंगे।