Women Reservation Bill : महिला आरक्षण कानून को लागू करने और परिसीमन से जोड़ने के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं।✍️Arvind Kumar
Updated Date
Women Reservation Bill : महिला आरक्षण कानून को लागू करने और परिसीमन से जोड़ने के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। किरेन रिजिजू के बयान पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए 2023 में पारित कानून को बिना किसी शर्त लागू करने की मांग की है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि भारत की महिलाओं की ऊर्जा दबी हुई है। उन्हें खुद को व्यक्त करने और अपनी कल्पनाओं को उड़ान देने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसकी महिलाएं खुलकर खुद को व्यक्त नहीं कर सकतीं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना भारत अधूरा और अविकसित रहेगा। राहुल ने इसे अपनी राजनीति और देश की राजनीति के भविष्य से जुड़ा अहम मुद्दा बताया।
राहुल गांधी के वीडियो को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रिट्वीट करते हुए इसे कांग्रेस की ओर से सकारात्मक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति राहुल गांधी की सोच में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है। रिजिजू ने उम्मीद जताई कि कांग्रेस अब महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त समर्थन करेगी।
रिजिजू के इस बयान को कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस के केंद्र में आ गया है।
रिजिजू के बयान पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और कांग्रेस ने इसका पूर्ण समर्थन किया था। राहुल ने सवाल उठाया कि तीन साल बाद भी कानून लागू क्यों नहीं हुआ और इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा जा रहा है।
अब ऐसे में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से 2023 में पारित कानून को बिना किसी शर्त लागू करने की मांग की। अब इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज होने से महिला आरक्षण एक बार फिर सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक बयानों, आधिकारिक अभिलेखों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के विश्लेषण पर आधारित है। लेख में जिन आरोपों या दावों का उल्लेख किया गया है, उनमें से कई की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे दावों को उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
✍️Arvind Kumar
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।