लखनऊ। 26 माह से निलंबित चल रहे आबकारी निरीक्षक जीवन से निराश हो गए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। मार्च, 2021 में प्रतापगढ़ में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई थी।
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प्रयागराज में आबकारी आयुक्त कार्यालय से संबद्ध
इस मामले में शासन ने जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार, आबकारी निरीक्षक शंकर लाल और सिपाही रामभजन को निलंबित कर दिया गया था। आबकारी निरीक्षक शंकर लाल प्रतापगढ़ के कुंडा में क्षेत्र-3 में तैनात थे। उन्हें प्रयागराज में आबकारी आयुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया था।
आबकारी निरीक्षक शंकरलाल ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि गत 12 मई को मेल कर प्रकरण में व्यक्तिगत रूप से मिलकर जानकारी देने के लिए आपसे समय मांगा था। अब तक आबकारी आयुक्त ने विभागीय कार्यवाही में यथोचित निर्णय नहीं लिया है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को मानसिक, सामाजिक, आर्थिक रूप से संकट का सामना करना पड़ रहा है।
इस दशा में इच्छा मृत्यु ही एकमात्र विकल्प रह जाता है, जिसके लिए आपकी अनुमति की आवश्यकता है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा कि अभी इस प्रकरण की जांच जारी है। निलंबित आबकारी निरीक्षक यदि इच्छा मृत्यु की धमकी दे रहा है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।