Jharkhand : केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने झारखंड में छात्रों पर कथित मारपीट और लाठीचार्ज को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला।✍️vishwajeet
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Jharkhand : केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने झारखंड में छात्रों पर कथित मारपीट और लाठीचार्ज को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा में छात्रों के साथ हुई घटनाओं की निंदा की। सेठ ने आरोप लगाया कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे छात्रों को भी परेशान किया गया।
संजय सेठ ने कहा कि छात्र करीब 25 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन्हें धोखा दिया। परीक्षा रद्द करने के फैसले को लेकर भी उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
सेठ ने झारखंड में पिछले छह वर्षों के दौरान हुई जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल समेत सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों को सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई ही उचित एजेंसी है।
भाजपा नेता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि झारखंड में नौकरी के नाम पर सत्ता से जुड़े लोगों ने एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों को प्रश्नों के उत्तर रटवाने के लिए पटना और नेपाल तक ले जाया गया। हालांकि, ये आरोप उनके राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं।
संजय सेठ ने टीडीपीएल और बिनसिस कंपनियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इन कंपनियों को उत्तर प्रदेश और बिहार में ब्लैकलिस्ट किया गया था, फिर भी झारखंड में परीक्षा से जुड़ा काम मिला। उन्होंने इसकी भी जांच की मांग की।
पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा की 2024 में सरकार को लिखी चिट्ठी का मुद्दा उठाते हुए सेठ ने पूछा कि जेपीएससी में कथित खामियों और अनियमितताओं को लेकर भेजे गए पत्र पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने सरकार से पत्र की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
संजय सेठ ने राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वे छात्र हितैषी हैं तो उन्हें रांची आकर आंदोलनरत छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से झारखंड सरकार से मामले की सीबीआई जांच की मांग करने को कहा।
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