नई दिल्ली, 08 मार्च। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी के बीच भारत की अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है। ये सरकार के आर्थिक फैसलों और अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस गति को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की आप सभी को शुभकामनाएं।
ये भी गौरव की बात है कि भारत जैसे विशाल देश की वित्त मंत्री भी एक महिला हैं, जिन्होंने देश को इस बार प्रगतिशील बजट दिया है।
– पीएम @narendramodi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को बजट के बाद वेबिनार की श्रृंखला में ‘विकास और आकांक्षात्मक अर्थव्यवस्था के लिए वित्तपोषण’ को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रगतिशील बजट पेश करने के लिये केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा की योजनाएं हमारे दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। बजट में सरकार ने तेज ग्रोथ के मोमेंटम को जारी रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रोत्साहित करके, इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश पर टैक्स कम करके, NIIF, गिफ्ट सिटी, नए DFI जैसे संस्थान बनाकर हमने वित्तीय और आर्थिक विकास को तेज गति देने का प्रयास किया है।
बजट में सरकार ने तेज़ ग्रोथ के मोमेंटम को जारी रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।
Foreign Capital Flows को प्रोत्साहित करके, Infrastructure Investment पर टैक्स कम करके, NIIF, Gift City, नए DFI जैसे संस्थान बनाकर हमने financial और Economic growth को तेज गति देने का प्रयास किया है। pic.twitter.com/52irO2g5sn
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पीएम मोदी ने कहा कि आज देश आत्मनिर्भर भारत अभियान चला रहा है। हमारे देश की निर्भरता दूसरे देशों पर कम से कम हो, इससे जुड़े परियोजनाओं की वित्तपोषण के क्या विभिन्न मॉडल बनाए जा सकते हैं, इस बारे में मंथन जरूरी है। प्रधानमंत्री ने 8-10 ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने की जरूरत पर बल दिया, जहां भारत शीर्ष 3 में शामिल हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए वित्तीय संस्थानों के लिए ऐसी कंपनियों का समर्थन करना जरूरी है। ये निजी क्षेत्र की भागीदारी से संभव होगा। इसके लिए उन्होंने निर्माण कंपनियों, व्यक्तिगत स्टार्ट-अप, ड्रोन, स्पेश और जियो सेक्टर को खोले जाने का उल्लेख किया।
अभी हमने ड्रोन सेक्टर, स्पेस सेक्टर और Gio Special सेक्टर को ओपन किया है।
ये बहुत बड़े निर्णय हुए हैं।
ये एक प्रकार से game changer हैं।
इनमें भी हमें दुनिया के top 3 में जगह बनाने के लिए काम करना चाहिए।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत की आकांक्षा हमारे MSMES की मजबूती से जुड़ी हैं। MSMES को मजबूत बनाने के लिए हमने बहुत से मौलिक सुधार किए हैं और नई योजनाएं बनाई हैं। इन सुधार की सफलता, इनकी फाइनेंसिंग को मजबूत करने पर निर्भर है। PM मोदी ने ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप वित्तीय समावेशन उत्पादों को तैयार करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसे सक्रिय मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की आकांक्षाएं प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़ी हैं। अगर कोई इनमें नया काम करने के लिए आगे आ रहा है तो हमारे वित्तीय संस्थाएं उसे कैसे मदद करें इसके बारे में सोचा जाना बेहद जरूरी है।
भारत की Aspirations, Natural Farming से, Organic Farming से जुड़ी है।
अगर कोई इनमें नया काम करने के लिए आगे आ रहा है, तो हमारे Financial Institutions उसे कैसे मदद करें, इसके बारे में सोचा जाना आवश्यक है।
– पीएम @narendramodi
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पीएम मोदी ने साल 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन को पूरा करने के लिए पर्यावरण के अनुकूल परियोजनाओं और हरित वित्त पोषण को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने साल 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है। देश में इसके लिए काम शुरू हो चुका है। इन कार्यों को गति देने के लिए पर्यावरण के अनुकूल परियोजनाओं को गति देना आवश्यक है। ग्रीन फाइनेंसिंग और ऐसे नए पहलू का अध्ययन और कार्यान्वयन समय की मांग है।