अवैध खनन केस में घिरे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली . सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई फैसले को रद्द कर दिया है. हाई कोर्ट ने अवैध खनन केस में मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच को लेकर दायर जनहित याचिका को सुनवाई के योग्य माना था. अब सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने ट्वीट किया, ”सत्यमेव जयते।”
पढ़ें :- श्रीनगर-कटरा वंदे भारत शुरू: कश्मीर को मिली रफ्तार
सत्यमेव जयते! pic.twitter.com/38JLdRLmsq
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) November 7, 2022
सोरेन को 2021 में पद पर रहते हुए खुद को खनन पट्टा देने के लिए भाजपा की शिकायत पर विधायक के रूप में अयोग्यता का सामना करना पड़ा. चुनाव आयोग ने कथित तौर पर राज्यपाल रमेश बैस से सिफारिश की है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.लेकिन राज्यपाल ने उसे लटका रखा है. इस मामले को लेकर भी हेमंत सोरेन ने चुनाव आयोग से मांग की है और कहा कि उनके खिलाफ राज्यपाल के पास रखे लिफाफे को खोला जाए.
पढ़ें :- Motorola Razr 70 Series लॉन्च: Ultra से Plus तक सब कुछ
प्रवर्तन निदेशालय ने इससे पहले जुलाई में छापेमारी और बैंक खातों से 11.88 करोड़ रुपये की जब्ती के बाद मामले में उनके सहयोगी पंकज मिश्रा और दो अन्य को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने दावा किया कि पंकज मिश्रा के घर से “बेहिसाब” नकदी में ₹ 5.34 करोड़ मिले हैं. तीन महीने पहले ईडी ने सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद से भी पूछताछ की थी.
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एस आर भट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर झारखंड सरकार और सोरेन की अलग-अलग याचिकाओं पर 17 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले, शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय को खनन पट्टा मामले में सोरेन के खिलाफ जांच का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर कार्यवाही करने से रोक दिया था.