राजधानी दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी सुधारने के लिए दिल्ली सरकार ने दो बड़े सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
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इन परियोजनाओं में शामिल हैं:
Barapullah Phase-III elevated road Mehrauli–Badarpur (MB) Road पर छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी में ट्रैफिक जाम कम करना और यात्रा को तेज व आसान बनाना है।
बारापुला फेज-III: पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी
बारापुला फेज-III परियोजना के तहत एक एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा, जो सराय काले खां से मयूर विहार को जोड़ेगा। इस परियोजना के लिए लगभग ₹1,635 करोड़ की लागत को मंजूरी दी गई है यह मौजूदा बारापुला कॉरिडोर का विस्तार है इसके पूरा होने पर मयूर विहार से AIIMS तक सिग्नल-फ्री यात्रा संभव होगी सरकारी अनुमान के अनुसार इससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा समय काफी घटेगा सराय काले खां, रिंग रोड, DND फ्लाईवे और NH-24 जैसे प्रमुख जाम वाले इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा इस परियोजना को 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है
MB रोड एलिवेटेड कॉरिडोर: दक्षिण दिल्ली को मिलेगा बड़ा राहत मार्ग
दूसरी प्रमुख परियोजना है Mehrauli-Badarpur (MB) Road पर छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, जिसे भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,471 करोड़ से अधिक है यह एक डबल-डेकर संरचना के रूप में विकसित किया जाएगा इसमें एलिवेटेड रोड के साथ-साथ अंडरपास भी बनाए जाएंगे यह कॉरिडोर खासतौर पर साकेत, खानपुर, संगम विहार और पुल प्रहलादपुर जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए डिजाइन किया गया है
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कुल निवेश और उद्देश्य
दोनों परियोजनाओं पर मिलाकर ₹3,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है
सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य है:
- दिल्ली में ट्रैफिक जाम को कम करना
- सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित करना
- शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी देना
- रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को राहत देना
क्या बदलेगा इन परियोजनाओं के बाद
इन दोनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद:
- पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली तक सफर तेज और आसान होगा
- MB रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर जाम में कमी आएगी
- शहर के प्रमुख ट्रैफिक बॉटलनेक्स कम होंगे
- दैनिक यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी
ये दोनों परियोजनाएं दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ राजधानी के लाखों लोगों को मिलने की उम्मीद है।