Delhi : दिल्ली सचिवालय में आयोजित ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की कार्यशाला में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की भागीदारी से ही संभव है।✍️Arvind
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Delhi : दिल्ली सचिवालय में आयोजित ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की कार्यशाला में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, कॉर्पोरेट, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों की मदद करने का आह्वान किया।
दिल्ली सरकार ने राजधानी को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत जनप्रतिनिधियों की सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, सांसद, विधायक, पार्षद और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘टीबी मुक्त भारत’ अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का राष्ट्रीय अभियान बन चुका है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और डॉक्टरों के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को इस लड़ाई में आगे आना होगा। यदि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में लोगों को समय पर जांच और इलाज के लिए जागरूक करेंगे तो टीबी उन्मूलन का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, उद्योगों, कॉर्पोरेट कंपनियों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए और आम नागरिकों से ‘निक्षय मित्र’ बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अब तक 3,300 से अधिक निक्षय मित्र जुड़ चुके हैं। इनके सहयोग से 1.2 लाख से ज्यादा पोषण आहार टीबी मरीजों तक पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र मरीजों को सिर्फ पोषण सहायता ही नहीं, बल्कि मानसिक संबल, सम्मान और यह भरोसा भी देते हैं कि समाज उनके साथ खड़ा है।
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कार्यक्रम में टीबी जागरूकता वीडियो दिखाया गया और अभियान की उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने जागरूकता स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर जांच, सही इलाज और दवाइयों का पूरा कोर्स करने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। इसलिए बीमारी को छिपाने के बजाय तुरंत जांच और इलाज कराना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रतिभागियों ने ‘टीबी मुक्त भारत’ की शपथ ली। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन को जनआंदोलन बनाने के लिए जागरूकता, जनसहयोग और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली जल्द ही टीबी मुक्त बनने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करेगी।
कुल मिलाकर देखा जाए तो दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि टीबी उन्मूलन उसके लिए सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का अभियान है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को साथ लेकर इस मिशन को जनआंदोलन का रूप देने में जुटी है। ‘निक्षय मित्र’ अभियान को मजबूत करने, मरीजों को बेहतर पोषण और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के प्रयास इस दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाते हैं। यदि सरकारी योजनाओं के साथ समाज का सहयोग इसी तरह मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली टीबी मुक्त राजधानी बनने की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।
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