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Irfan Solanki मामले में सुनवाई की नई तारीख, कोर्ट रूम वकील ने कही ये बात

कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी की अग्रिम जमानत पर सुनवाई आज जिला जज की अदालत में शुरू हुई थी। अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया।

By आकृति 
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कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी की अग्रिम जमानत पर सुनवाई आज जिला जज की अदालत में शुरू हुई थी। अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया। बताया गया कि, विवेचक केस डायरी के साथ सपा विधायक इरफान सोलंकी की गिरफ्तारी के संबंध में बाहर गए हैं। ऐसे में केस डायरी नहीं पेश की जा सकती है। जिसके बाद जिला जज संदीप जैन ने अगली सुनवाई के लिए एक दिसंबर की तिथि नियत कर दी गई है।

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मिली जानकारी के चलते  महिला नजीर फातिमा की तहरीर पर सात नवंबर को पुलिस ने इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत अन्य अज्ञात पर घर मे आग लगाने, रंगदारी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद से ही दोनों फरार चल रहे हैं। पुलिस ने बीते गुरुवार को दोनों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट भी लिया था। आज कोर्ट में जमानत याचिका में सुनवाई होनी थी, ऐसे में पुलिस कयास लगा रही थी कि शायद सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी दोनों कोर्ट में जमानत के लिए पेश हो। इसलिए पुलिस शहर के कई इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया था, और शहर में चौकसी बढ़ा दी थी।

केस डायरी न होने की वजह से अगली सुनवाई 1 दिसंबर तक टल गई है। इधर पुलिस लगातार दोनों भाइयों को तलाश रही है। आपको बता दें कि, पुलिस सूत्रों के अनुसार दो दिन पहले विधायक की लोकेशन दक्षिण भारत के एक शहर में मिली थी। जबकि इससे पूर्व वह महाराष्ट्र में थे। जिसके लिये पुलिस की एक टीम मंगलवार को महाराष्ट्र भी गयी थी। जहां पर विधायक के एक रिश्तेदार रहते हैं। पुलिस टीम ने वहां जाकर विधायक के रिश्तेदारों से पूछताछ की लेकिन, दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। टीम अभी महाराष्ट्र में ही डेरा डाले हुए है।

पुलिस अधिकारियों ने एलआईयू की भी ड्यूटी लगाई है रिश्तेदारों और विधायक के घर के आसपास उन्हें तैनात किया गया है। उधर पूरे मामले पर कानपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि, मुकदमा फर्जी है। पुलिस के पास विधायक के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। उन्होने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, सरकार विपक्ष के लोगों को कुचलना चाहती है।

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