शहीद सुरेंद्र कुमार को दी गई श्रद्धांजलि, Operation Sindoor के नायक को याद कर भावुक हुईं दीया कुमारी
देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद सुरेंद्र कुमार को Operation Sindoor के तहत उनके सर्वोच्च बलिदान पर पूरे राष्ट्र ने नमन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री और जयपुर राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी ने शहीद के परिवार से मुलाकात कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि “सुरेंद्र कुमार जैसे वीर जवान हमारे देश की असली ताकत हैं, और उनके त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
पढ़ें :- पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभाई थी अहम भूमिका
दीया कुमारी ने शहीद के घर पहुंचकर परिवारजनों से मिलकर उनके दुख को साझा किया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि “भारत माता के इन वीर सपूतों ने अपने खून से देश की रक्षा की है। यह हम सभी का कर्तव्य है कि उनके परिवार का सम्मान और सहयोग हमेशा बना रहे।”
Operation Sindoor: देश की सेवा में वीरगति
Operation Sindoor एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था, जिसमें सुरेंद्र कुमार ने दुश्मनों का डटकर मुकाबला करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सुरेंद्र कुमार की वीरता और साहस की प्रशंसा केवल सेना तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर में उनकी बहादुरी के चर्चे हैं।
दीया कुमारी ने कहा कि “शहीद सुरेंद्र कुमार ने जिस अदम्य साहस और देशभक्ति का परिचय दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है। हमें न केवल उनके बलिदान को याद रखना है, बल्कि उनके सपनों का भारत भी बनाना है।”
सामाजिक और राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता
इस तरह की घटनाएं केवल सैन्य दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी हमारी ज़िम्मेदारी तय करती हैं। दीया कुमारी ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को चाहिए कि वे सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना रखें और हर स्तर पर उनका सहयोग करें। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार शहीदों के परिवारों को स्थायी वित्तीय सुरक्षा, शैक्षिक सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए।
पढ़ें :- पाकिस्तान को मध्यस्थता से बाहर किए जाने के पीछे क्या हैं वजहें? ईरान संकट के बीच बदलती अमेरिकी रणनीति
शहीदों की याद में राष्ट्र एकजुट
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों की बड़ी उपस्थिति रही। हर किसी ने एक स्वर में कहा कि भारत के वीर सपूतों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। दीया कुमारी ने इस मौके पर कहा कि “आज का दिन केवल श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि संकल्प लेने का है—हम शहीदों के परिवारों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे।”
उन्होंने युवाओं को भी देशभक्ति की राह पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि “देश की सेवा केवल वर्दी पहनकर ही नहीं होती, बल्कि समाज में अच्छे नागरिक बनकर भी की जा सकती है।”