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Operation Sindoor पर ओवैसी का बड़ा बयान: सर्वदलीय बैठक के बाद उठाए कई अहम सवाल

सर्वदलीय बैठक के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने Operation Sindoor को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से स्पष्टता की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के सैन्य अभियानों की जानकारी संसद और जनता के साथ साझा की जानी चाहिए। ओवैसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का समर्थन किया, लेकिन पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर ज़ोर दिया।

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सर्वदलीय बैठक के बाद ओवैसी का बयान: “ऑपरेशन सिन्दूर पर चाहिए पारदर्शिता और जवाबदेही”

केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए “Operation Sindoor” को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज़ है। इस बीच, सर्वदलीय बैठक के बाद AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने एक ओर जहां राष्ट्रीय सुरक्षा की सराहना की, वहीं दूसरी ओर सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।

ओवैसी ने कहा कि भारत की सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन लोकतंत्र में सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि वह संसद और नागरिकों को ऐसे बड़े ऑपरेशनों के बारे में सूचित करे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऑपरेशन के उद्देश्यों, लक्ष्यों और परिणामों को लेकर सरकार ने कोई विस्तृत जानकारी क्यों नहीं दी? उन्होंने कहा, “हम देश की सुरक्षा में सरकार के साथ हैं, लेकिन यह ज़रूरी है कि जानकारी भी साझा की जाए।”

विपक्षी दलों ने भी जताई चिंता

ओवैसी के साथ ही कई विपक्षी नेताओं ने भी बैठक में Operation Sindoor को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि ऐसे बड़े कदम उठाने से पहले या बाद में संसद को जानकारी दी जानी चाहिए। ओवैसी ने इस संदर्भ में कहा, “सुरक्षा से समझौता नहीं हो सकता, लेकिन लोकतंत्र में जवाबदेही सबसे ज़रूरी है।”

सरकार ने कहा- सुरक्षा कारणों से गोपनीयता ज़रूरी

वहीं सरकार की ओर से बैठक में मौजूद रक्षा मंत्री और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन की संवेदनशीलता और सुरक्षा कारणों से इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती थी। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना था और सुरक्षा बलों ने इसे बड़ी सफलता के साथ अंजाम दिया।

ओवैसी ने इसपर पलटवार करते हुए कहा, “अगर ऑपरेशन सफल रहा है तो उसकी रूपरेखा और उपलब्धियों को देश को बताना चाहिए। इससे सेना का मनोबल भी बढ़ेगा और जनता को भरोसा भी मिलेगा।”

“सवाल उठाना राष्ट्रद्रोह नहीं”

प्रेस वार्ता के दौरान ओवैसी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सरकार से सवाल पूछना राष्ट्रविरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का आधार ही यह है कि हर नीति और निर्णय पर चर्चा हो, ताकि जनता को सच पता चले। उन्होंने यह भी कहा कि “सवाल पूछना ही लोकतंत्र की असली ताकत है, और हम उसे बचाएंगे।”

ओवैसी ने की सेना की तारीफ

हालांकि ओवैसी ने अपने बयान में सेना की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, “हमारी सेना हर मोर्चे पर देश की रक्षा कर रही है और हम उनके साथ खड़े हैं। ऑपरेशन में जिन जवानों ने हिस्सा लिया, उन्हें हमारा सलाम। लेकिन सरकार की भूमिका अलग होती है—उसे जवाब देना होता है।”

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