Delhi : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अपने एक सीनियर प्रोफेसर को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
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Delhi : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अपने एक सीनियर प्रोफेसर को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री डी पंडित द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के अनुसार, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स (सीएसएसएस) में कार्यरत प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति (आईसी) ने जांच की थी। जांच पूरी होने के बाद आंतरिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रोफेसर के खिलाफ बड़ी सजा की सिफारिश की थी।
आदेश में स्पष्ट लिखा है, “उचित प्रक्रिया का पालन करने और सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने तथा आंतरिक समिति (आईसी) की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय की सेवाओं से बर्खास्तगी की सजा दी जाती है।” यह आदेश 9 अक्टूबर को जारी किया गया।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति है। आंतरिक समिति जिसे पहले जीएसकेएएसएच के नाम से जाना जाता था, ऐसे मामलों की जांच के लिए अधिकृत निकाय है। इस कार्रवाई को विश्वविद्यालय परिसर में महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर गरिमा सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम जेएनयू में लंबे समय से अध्यापन कर रहे थे और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय के लिए जाने जाते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर इससे अधिक कोई टिप्पणी नहीं की है। (आईएएनएस)
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