रांची : झारखंड में हेमंत सरकार से बार बार रोज़गार को लेकर विपक्षी दल करते है। झारखंड सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में ही युवाओं को पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन जमीन पर इस वादे पर विपक्ष बार बार सवाल खड़े करता है।
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आजसू पार्टी के विधायक सुदेश महतो ने झारखंड विधान सभा में सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि नियोजनालयों में लाखों स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं का नाम दर्ज है लेकिन उसके बाद उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। जिसके जवाब में झारखंड के श्रम और रोजगार मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने जवाब देते हुए कहा कि,राज्य के नियोजनालयों में नियंत्रित मिक्षित बेरोजगारों को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार मेला एवं कैंपों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है, जिसके माध्यम से वित्तीय वर्ष 2018-20 में 1367 | वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2504 एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष | 2021-22 में 2.119 इस प्रकार कुल 18.200 नियमित युवाओं को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया गया है।
लोगों का इस विषय पर कहना है कि, झारखंड के शिक्षित व खासकर ग्रैजुएट्स, पोस्ट ग्रैजुएट्स बेरोजगारों को इन तथ्यों की जानकारी रखनी चाहिए. सरकार ने उन्हें भत्ता देने की घोषणा की थी. दो साल में कभी दिए नहीं. अलबत्ता 87 करोड़ सरेंडर कर दिए. दो साल में रोजगार मेले के जरिए 4600 लोगों को निजी क्षेत्रों में काम मिले हैं।
#Jharkhand : बेरोजगारी के ज्वलंत मुद्दे पर आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो द्वारा सदन में उठाए गए सवाल पर सरकार ने दिया अधिकारी जवाब।@SudeshMahtoAJSU @HemantSorenJMM @yourBabulal @dasraghubar @BhoktaSatyanand pic.twitter.com/r84quHaqfw
— India Voice (@indiavoicenews) April 3, 2022
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