Rahveer Yojana : उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना के तहत पुरस्कार दिए जाएंगे।✍️Alok Gupta
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Rahveer Yojana : उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना के तहत पुरस्कार दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए यूपी परिवहन विभाग को 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और जरूरत के समय घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
गुड सेमेरिटन से राहवीर योजना तक का सफरसड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन को पुरस्कृत करने की योजना शुरू की थी। इसके तहत पहले वित्तीय चक्र में 36 गुड सेमेरिटन को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन योजना को नए नाम ‘राहवीर योजना’ के रूप में जारी किया। इसमें पुरस्कार राशि बढ़ाकर प्रति राहवीर 25 हजार रुपये कर दी गई।
मंत्रालय ने योजना को 16वें वित्तीय चक्र में जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में 21 सितंबर 2026 के पत्र के जरिए उत्तर प्रदेश को पुरस्कार वितरण के लिए 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
परिवहन विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सितंबर 2026 में इन राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अब मंत्रालय की ओर से 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाने से पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित करना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बिना किसी स्वार्थ के घायलों की मदद करने वाले लोगों को आर्थिक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण शुरुआती एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में योगदान देने वाले पात्र नागरिकों को पुरस्कृत किया जाता है। इससे लोगों को सड़क हादसों के समय घायलों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है।
राहवीरों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने के लिए परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सीएनए खाते में 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वीकृत लाभार्थियों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
✍️Alok Gupta
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