नई दिल्ली, 18 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जगदीप धनखड़ के नामांकन दाखिल करने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मुझे यकीन है कि वो एक उत्कृष्ट और प्रेरक उपराष्ट्रपति होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनखड़ के नामांकन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि जगदीप धनखड़ जी का नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए विभिन्न दलों के मंत्री, सांसद और नेता उनके साथ थे। मुझे विश्वास है कि वो एक उत्कृष्ट और प्रेरक उपराष्ट्रपति होंगे।
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Ministers, MPs and leaders from various parties accompanied Shri Jagdeep Dhankhar Ji for the filing of his nomination papers. I am certain that he will be an excellent and inspiring Vice President. @jdhankhar1 pic.twitter.com/BBn62IHKbo
— Narendra Modi (@narendramodi) July 18, 2022
बतादें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, अपना दल की अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल समेत तमाम सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि बीते शनिवार को बीजेपी नेतृत्व के NDA ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था। जिसके बाद धनखड़ ने आज अपना नामांकन दाखिल किया।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 6 अगस्त को होना है। नामांकन की आखिरी तारीख 19 जुलाई है। विपक्ष ने धनखड़ के खिलाफ कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मारग्रेट अल्वा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं अल्वा राजस्थान की पूर्व राज्यपाल हैं। वहीं धनखड़ राजस्थान के मूल निवासी है। राजस्थान के झुंझुनु जिले में पैदा होने वाले जगदीप धनखड़ ने चितौड़गढ़ सैनिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी। भौतिक शास्त्र से स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने राजस्थान से ही वकालत की डिग्री हासिल की। राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने वकालत की। वो साल 1989 में पहली बार लोकसभा सांसद बने। झुंझुनु से ही वे लोकसभा के लिए चुने गए। साल 1990 में वो संसदीय राज्यमंत्री बने। अजमेर जिले के किशनगढ़ विधानसभा से साल 1993 में राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए। साल 2019 में उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया।